Consulting Editor : Mo Faheem ‘Tanha
हरिद्वार(Big news today)। हरिद्वार में मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ मुख्य सचिव सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित केंद्रीय मेला नियंत्रण भवन के सभागार में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। हरिद्वार में हुई इस बैठक में कुल 13 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई। बैठक में स्वास्थ्य, आवास, शहरी विकास समेत विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के बाद निर्णय लिए गए। बैठक में हरिद्वार को दूसरा मेडिकल कॉलेज मिलने और ईएसआई मेडिकल कॉलेज से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार से संबंधित प्रस्ताव भी पारित किए गए। बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सभी प्रस्तावों के विस्तृत ब्योरे और उनके क्रियान्वयन से जुड़ी शर्तों का उल्लेख नहीं है। कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धर्मनगरी हरिद्वार में हरकी पैड़ी पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने कुंभ मेले के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन की कामना की। इस दौरान प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भी मौजूद रहे। हरकी पैड़ी पर पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री मेला नियंत्रण भवन पहुंचे, जहां उनकी अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक के लिए हरिद्वार को चुने जाने के साथ ही कुंभ मेले के आयोजन की तैयारियों के बीच शहर में सरकार की गतिविधियां भी केंद्रित रहीं। मुख्यमंत्री ने हर जिले में कैबिनेट बैठक करने का निर्णय लिया है। इसकी शुरुआत चंपावत जिले से हो चुकी है। अब दूसरी कैबिनेट बैठक हरिद्वार में हुई है। वहीं सरकार को आगामी विधानसभा सत्र 30 अक्तूबर से पहले आहूत करना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार शासन-प्रशासन को जनता के और अधिक निकट लाने की दिशा में एक नई पहल को आगे बढ़ा रही है। इसी क्रम में आज धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा पूजन कार्यक्रम के उपरांत राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट बैठकों को केवल राजधानी देहरादून तक सीमित न रखकर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आयोजित करने की पहल की है। कुछ दिन पूर्व सीमांत जनपद चम्पावत के बनबसा में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी और अब धर्मनगरी हरिद्वार में मंत्रिमंडल की बैठक हुई।
मुख्यमंत्री की इस पहल को सरकार की कार्यप्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य शासन को जनपदों के और निकट लाना, स्थानीय आवश्यकताओं एवं विकास की प्राथमिकताओं को समझना तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी निर्णय लेना है। प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में कैबिनेट बैठकों का आयोजन इस बात का संदेश भी है कि सरकार के लिए उत्तराखण्ड का प्रत्येक क्षेत्र समान रूप से महत्वपूर्ण है। सीमांत क्षेत्रों से लेकर धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरों तक सरकार की सक्रिय उपस्थिति सुशासन और संतुलित क्षेत्रीय विकास के संकल्प को दर्शाती है। मुख्यमंत्री लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सरकार की योजनाओं और निर्णयों का वास्तविक लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। जनपदों में कैबिनेट बैठकों का आयोजन इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम है। यह पहल सरकार और जनता के बीच विश्वास, संवाद तथा सहभागिता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।




