देहरादून। भारतीय सेना का मार्चिंग दल सेशेल्स के आज़ादी की गोल्डन जुबली यानी 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए तैयार है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘गेस्ट ऑफ़ ऑनर’ (सम्मानित अतिथि) के तौर पर शामिल होंगे। भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। समय के साथ, ये संबंध एक मज़बूत रणनीतिक साझेदारी में बदल गए हैं, जिसमें रक्षा सहयोग, विकास, संस्कृति और व्यापार जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
भारतीय सेना के दल में असम रेजिमेंट के 32 जवान शामिल हैं और इसका नेतृत्व कैप्टन आर्यन एच. देवलेकर कर रहे हैं। समारोह में भारतीय नौसेना का मार्चिंग दल और मिलिट्री बैंड भी हिस्सा ले रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच मज़बूत और लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी को दर्शाता है। दोस्त विदेशी देशों के राष्ट्रीय समारोहों में भारतीय सशस्त्र बलों की टुकड़ियों की भागीदारी आपसी भरोसे, सैन्य भाईचारे और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
ऐसी भागीदारी रक्षा सहयोग को बढ़ावा देती है और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने में भारत की एक भरोसेमंद साझेदार के तौर पर भूमिका को रेखांकित करती है। भारतीय सशस्त्र बलों की टुकड़ियों ने पहले भी कई अहम अंतरराष्ट्रीय समारोहों में देश का प्रतिनिधित्व किया है, जिनमें 2023 में फ्रांस में 237वीं बैस्टिल डे परेड, 2021 में बांग्लादेश में विक्ट्री डे परेड और 2015 व 2020 में रूस में विक्ट्री डे परेड शामिल हैं। सेशेल्स के गोल्डन जुबली समारोह में भारत की भागीदारी दोनों देशों के बीच खास साझेदारी को फिर से पुख्ता करती है और अलग-अलग क्षेत्रों में आपसी सहयोग के बढ़ते दायरे को उजागर करती है।



