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विश्व पर्यावरण दिवस पर इन्‍दिरा गाँधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून द्वारा विशेष व्याख्यान

Dehradun Uttarakhand






देहरादून, (M. Faheem ‘Tanha’): इन्‍दिरा गाँधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA), देहरादून द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरि सिंह ऑडिटोरियम में एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पीएमओ के पूर्व सचिव और भारत के प्रधानमंत्री के सलाहकार रहे भास्कर खुल्बे, IAS (से.नि.) शामिल हुए और उन्‍होंने यह विशेष व्याख्यान दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई। व्‍याख्‍यान से पूर्व भास्‍कर खुल्‍बे द्वारा कैम्‍पस में पौधारोपण भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, भास्कर खुल्बे ने पर्यावरण प्रशासन, सतत विकास और आज की पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में सार्वजनिक संस्थानों की भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। लोक प्रशासन और नीति-निर्माण में अपने व्यापक अनुभव के आधार पर, उन्होंने संरक्षण लक्ष्यों और विकास की आकांक्षाओं के बीच संतुलन बनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने पर्यावरण प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी और प्राकृतिक संसाधनों के उत्‍तरदायी प्रबंधन के लिए नए और रचनात्मक तरीकों की आवश्यकता को सामने रखा।

भास्कर खुल्बे ने इको-सेंसिटिव ज़ोन (पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों) में प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन और हिमालयी क्षेत्र में सतत विकास योजना से जुड़ी पहलों में अपनी भागीदारी के बारे में भी बात की, जिसमें केदारनाथ और बदरीनाथ में पुनर्निर्माण के प्रयास भी शामिल हैं। उन्होंने पर्यावरणीय नेतृत्व के महत्व को रेखांकित किया और प्रशिक्षु अधिकारियों को अपने पूरे करियर के दौरान ईमानदारी, प्रतिबद्धता और जनसेवा के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

आईजीएनएफए की निदेशक भारती द्वारा अकादमी की ओर से एक स्‍मृति चिह्न भेंट कर मुख्‍य अतिथि का सम्‍मान किया।  अकादमी के संकाय सदस्यों और परिवीक्षार्थियों द्वारा अपने अनुभव और विचार साझा करने के लिए भास्‍कर खुल्बे का आभार व्यक्त किया गया। इस व्याख्यान के माध्‍यम से परिवीक्षार्थियों को एक ऐसे प्रतिष्ठित सिविल सेवक से सीखने का अवसर प्राप्‍त हुआ, जिनका करियर राष्ट्र-निर्माण, प्रशासनिक सुधार और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति समर्पण का उदाहरण है।

कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रशिक्षु अधिकारियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण, प्रशासन, जलवायु लचीलेपन और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर मुख्‍य अतिथि के साथ वार्ता का अवसर प्राप्‍त हुआ।

यह कार्यक्रम आईजीएनएफए के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा था, जिनका उद्देश्य भविष्य के वन अधिकारियों को अलग-अलग दृष्टिकोणों से परिचित कराना और उन्हें भारत के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत प्रबंधन में प्रभावी ढंग से योगदान करने के लिए प्रेरित करना है।

इस कार्यक्रम में भारतीय वन सेवा (IFS) के प्रशिक्षु अधिकारी, आईजीएनएफए और कैसफॉस देहरादून के संकाय सदस्‍य, अधिकारी, कर्मचारी और प्रतिष्ठित अतिथिगण शामिल हुए।

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