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“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण

Dehradun Uttarakhand






चमोली. विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गोपेश्वर स्थित घिंघरांण रोड वन पंचायत परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी गौरव कुमार ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा जनपदवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।


इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और जीवन शैली का अभिन्न अंग रहा है।


उन्होंने कहा कि वर्ष 1972 में आयोजित स्टॉकहोम सम्मेलन से भी पूर्व भारतीय सभ्यता में प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण की समृद्ध परंपरा रही है। हमारे पूर्वजों ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को जीवन का आधार माना तथा प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास की अवधारणा को अपनाया।


विश्व पर्यावरण दिवस 2026 की थीम “Inspired by Nature, for Climate, For Our Future” का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी श्री कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन वैश्विक चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे में प्रकृति से प्रेरणा लेते हुए विकास और पर्यावरण संरक्षण के मध्य संतुलन स्थापित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना होगा तथा विकास की प्रत्येक गतिविधि में पर्यावरणीय सरोकारों को प्राथमिकता देनी होगी।


कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने कहा वन केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि यह समाज की साझा धरोहर हैं। जंगल हमें स्वच्छ वायु, जल स्रोतों का संरक्षण, जैव विविधता तथा आजीविका के अनेक साधन प्रदान करते हैं। इसलिए इनके संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने तथा सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि वनाग्नि से बचाव ही इसका सबसे प्रभावी उपाय है।


कार्यक्रम के दौरान जनपद चमोली में वनाग्नि नियंत्रण के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले फायर वॉचर स्वर्गीय राजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया तथा वन संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान को स्मरण किया।


इस अवसर पर केदारनाथ वन प्रभाग द्वारा वनाग्नि रोकथाम एवं जनजागरूकता पर आधारित लघु फिल्म “बड़ाग” का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने फिल्म का अवलोकन किया तथा इसे वनाग्नि के प्रति जनचेतना बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।


विश्व पर्यावरण दिवस समारोह के दौरान जनपद में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में चंद्रकला बिष्ट, सुशीला सेमवाल, सुनील पुंडीर, सुनील बिष्ट, आशीष, मानश्वी पुंडीर, गंभीर बिष्ट, ललिता देवी, शशि रावत, नीरज थपलियाल, बलवंत राणा, सार्थक, प्रकाश चंद्र, सोनम, प्रियांशी पुंडीर, सगीता देवी, सुशीला देवी, दर्शन, दिव्या कंडारी, मोहित, जयप्रकाश, शुभम, अनूप, पृथ्वी नेगी, राजेंद्र, चंद्रमोहन, प्रियंका, दीपा, युवराज सिंह, अंशुल, आलोक एवं विनोद सहित अन्य पर्यावरण प्रहरी शामिल रहे।


कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, वन संरक्षक नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व पंकज कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, प्रभागीय वनाधिकारी अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग प्रियंका सुंडली, प्रभागीय वनाधिकारी बदरीनाथ-केदारनाथ वन प्रभाग सर्वेश कुमार दुबे, वन पंचायत सरपंच गोपेश्वर सुनीता भट्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष विजया बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, वन कर्मी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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