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शिक्षा के दीप स्तंभ वयोवृद्ध शिक्षक का जिलाधिकारी ने किया सम्मान

Uttarakhand






चम्पावत । जनपद चम्पावत में शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाले ग्राम गोशनी निवासी 93 वर्षीय वयोवृद्ध आदर्श शिक्षक चिरंजी लाल वर्मा को जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सम्मानित किया।


इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान प्रकट किया तथा उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।


श्री वर्मा का जीवन शिक्षा के प्रति समर्पण, संघर्ष और प्रेरणा का अद्वितीय उदाहरण रहा है। उस समय जब खेतीखान क्षेत्र में केवल कक्षा 7 तक ही शिक्षा की व्यवस्था थी, उन्होंने अपने अथक प्रयासों से वहां हाईस्कूल की कक्षाओं की शुरुआत कराई। इतना ही नहीं, विद्यालय के राजकीयकरण हेतु उन्होंने व्यक्तिगत हितों की उपेक्षा करते हुए अत्यंत कम मानदेय पर निरंतर सेवाएं प्रदान कीं।


उनके सेवाकाल से जुड़ा एक प्रेरक प्रसंग यह भी है कि उन्होंने अपने सहयोगियों को समय पर मानदेय मिल सके, इसके लिए स्वयं कष्ट सहकर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। श्री वर्मा ने अपने जीवन के लगभग 33 वर्ष शिक्षा क्षेत्र को समर्पित किए, जिनमें सूर्य मंदिर स्थित विद्यालय में सेवाएं एवं लोहाघाट इंटर कॉलेज में 19 वर्षों का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है।


इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि श्री वर्मा जैसे शिक्षकों के त्याग, अनुशासन और समर्पण के कारण ही समाज को सशक्त दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में ग्रामीण क्षेत्र खेतीखान में शिक्षा की अलख जगाना तथा निजी हितों का त्याग कर विद्यालय के राजकीयकरण को प्राथमिकता देना उनकी दूरदर्शिता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


जिलाधिकारी ने श्री वर्मा के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि इतनी अधिक आयु में भी उनका समाज के प्रति सक्रिय रहना अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे श्री वर्मा के जीवन मूल्यों, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा भाव से प्रेरणा लें।


इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य जनकांडे  अशोक माहरा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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