Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

समाज कल्याण मंत्री ने की जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

Dehradun Uttarakhand






देहरादून। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।


मंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि विभाग के समस्त कर्मचारीगण आपसी समन्वय तथा जिम्मेदारी से अपनी योग्यता के अनुसार कार्य करें जिससे विभाग की प्रगति में सुधार लाया जा सके। उन्होंने पेंशन योजनाओं के तहत विधवा एवं दिव्यांग पेंशन को 1500 रूपये से 25 प्रतिशत बढ़ाकर 1875 रूपये कर दी गई है। तथा बौना पेंशन तथा तीलू रौतेली पेंशन को 1200 रूपये से बढ़ाकर 1500 रूपये करने तथा दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान को 700 रूपये को बढ़ाकर 1000 रूपये करने हेतु अधिकारियों को जरूरी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश  दिये।


समाज कल्याण मंत्री ने छात्रवृत्ति योजनाओं से संबंधित सत्यापन के तरीके को सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि  छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी तरह की त्रुटि बर्दाशत नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लाभार्थी छात्रवृत्ति योजनाओं से वंचित न रहने पाएं। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित अनुदान योजनाओं के बारे में भी समीक्षा की।


मंत्री ने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय तथा राजकीय औद्योगिक आस्थानों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राजकीय औद्योगिक आस्थानों में नये ट्रेड शुरू किये जाएं तथा अनुभवी शिक्षकों, प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाए। मंत्री ने डॉ0 बीआर अम्बेडकर अनुसूचित जाति छात्रावास की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में इस तरह के 14 छात्रावास संचालित किये जा रहे हैं।


मंत्री ने गर्लस इण्टर कॉलेज मसूरी के छात्रावास भवन का पुनर्निर्माण 03 माह में पूरा करने तथा माह सितम्बर 2026 तक छात्रावास के संचालन शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने पेंशन एव अन्य कल्याणकारी योजनाओं में आय सीमा 4000 रूपये से बढ़ाकर 6000 रूपये किये जाने का प्रस्ताव भी तैयार करने के निर्देश दिये। मंत्री ने इंटरकास्ट मैरिज हेतु सामान्य जाति की विधवा एवं एससी-एसटी परिवारों को दिये जाने वाली शासकीय सहायता की समयसीमा वित्तीय वर्ष न रखते हुए 365 दिन (डेट टू डेट) की अवधि किये जाने के भी निर्देश दिये।


मंत्री ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंर्तगत संचालित आदर्श ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस तरह की योजनाओं को विभाग द्वारा बढ़ावा देना चाहिए जिससे जनकल्याण का हमारा प्रयास पूर्ण हो सके। मंत्री ने अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय वयो श्री योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को प्रदान किये जाने वाले निशुल्क सहायक उपकरणों जैसे छड़ी, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र, चश्मा आदि का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये।


मंत्री ने राज्य में संचालित 06 वृद्धाश्रमों, एससी-एसटी (अत्याचार निवारण ) अधिनियम के अंर्तगत वित्तीय सहायता, एससी-एसटी के छात्रों हेतु परीक्षा पूर्व निशुल्क कोचिंग, एससी उपघटक योजना के तहत अवस्थापनों का विकास आदि पर विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए अधिकारियों को उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
मंत्री ने दिव्यांग कल्याण के अंर्तगत किये जा रहे कार्यों पर अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि 13 जनपदों के आधार पर प्रस्ताव तैयार किये जाएं तथा एससी-एसटी बाहुल्य क्षेत्रों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि कार्य गुणवत्तापरक हों तथा ससमय पूर्ण किये जाएं।


मंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अंर्तगत बहुउद्देशीय वित्त विभाग निगम द्वारा संचालित स्माईल परियोजना, शिल्पी ग्राम योजना, नमस्ते योजना आदि की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को भी समान रूप से इन योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने जनजाति कल्याण की भी समीक्षा की।


इस अवसर पर समाज कल्याण सचिव श्रीधर बाबू, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र, निदेशक संदीप तिवारी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया एवं समस्त जनपदों के जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *