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सीएम धामी को पुल निर्माण की घोषणा का स्मरण कराया

Uttarakhand


-लक्सर व नजीबाबाद के बीच गंगा नदी पर पुल निर्माण घोषणा

-सवा साल पहले 107 करोड़ की लागत से पुल निर्माण की हुई थी घोषणा

Report: Mukesh Sinha (Senior Journalist)

बिजनौर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्राथमिकता के आधार पर सवा साल पहले रामपुर रायघटी के निकट गंगा नदी पर जिस पुल निर्माण की घोषणा की थी उसकी स्वीकृति व बजट जारी किए जाने का स्मरण कराते हुए पुल की स्वीकृति व बजट जारी करने की मांग की है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हरिद्वार जनपद के ग्राम श्यामपुर में जन चौपाल कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। नजीबाबाद के पत्रकार व आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा, भाकियू भानू के जिला सचिव कपिल गौड़, मीडिया प्रभारी रूद्रेश चौहान,भाकियू अ के श्यामसुंदर राठी ने श्यामपुर पहुंच कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मांग पत्र के साथ उनके कार्यालय की पुल निर्माण की घोषणा से लेकर लोनिवि की अब तक की कार्यवाही के पत्र सौंपते हुए उनके द्वारा प्राथमिकता के आधार पर 9 नवम्बर 2024 को की गई घोषणा 569/2024 से अवगत कराते हुए लोनिवि द्वारा की गयी कार्यवाही से अवगत कराया। मुख्यमंत्री कार्यालय के उप सचिव हीरा सिंह बसेड़ा के पत्र 9/11/2024 में लक्सर विधानसभा के ग्राम रामपुर रायघटी के खसरा 291 के आसपास गंगा नदी पर पुल निर्माण की घोषणा करते हुए लोनिवि के प्रमुख सचिव कै वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति का शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए गये है। मुख्यमंत्री की पुल निर्माण की घोषणा के बाद हरकत में आए लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ने 23/12/2024 के पत्र में 1000 मीटर लंबे व 400 मीटर दोनों ओर के एप्रोच मार्ग के लिए अनुमानित लागत 10713.48 लाख का बजट बनाकर तैयार करते हुए सर्वे, मानचित्र व अन्य मद आदि के लिए प्रथम किश्त के रूप में 234.80 लाख का बजट मांगा। लोनिवि के सचिव के निर्देश पर मुख्य अभियंता इस रणजीत सिंह ने 10 जनवरी 2025 को विभागीय तकनीकी समिति से समीक्षा कराकर प्रस्ताव मांगा । समिति ने प्रथम किश्त के रूप में 160.79 लाख की रकम को औचित्यपूर्ण मानते हुए विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर पुल निर्माण की स्वीकृति व बजट की उपलब्धता सुनिश्चित करने कि मांग की है। लक्सर व नजीबाबाद विधानसभा के बीच ग्राम रामपुर रायघटी व नांगल सोती के बीच गंगा नदी पर घोषित पुल निर्माण की स्वीकृति व बजट उपलब्ध कराने हेतु पत्रावली मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबित पड़ी है। इस बीच पुल निर्माण की स्वीकृति व बजट जारी कराने को पुल निर्माण संघर्ष समिति नांगल सोती के सह संयोजक मुकेश सिन्हा व आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने मांग हरिद्वार के सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, पौड़ी गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी, कोटद्वार की विधायक व विधान सभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी,लक्सर विधायक शहजाद अहमद,रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, भगवानपुर विधायक उमेश कुमार, नजीबाबाद विधानसभा तसलीम अहमद सहित उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराते हुए रामपुर रायघटी के निकट गंगा नदी पर पुल निर्माण की स्वीकृति व बजट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई लेकिन डेढ़ वर्ष बाद भी बजट स्वीकृत नही हुआ। लक्सर विधायक शहजाद अहमद ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर अपनी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रामपुर रायघटी के निकट गंगा नदी पर पुल निर्माण कराकर लक्सर व नजीबाबाद विधानसभा को जोड़ने की मांग की है। सोमवार को आरटीआई कार्यकर्ता मनोज व भाकियू के कार्यकर्ताओं ने श्यामपुर पहुंच कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मांगपत्र देकर नवम्बर 2024 में प्राथमिकता के आधार पर की गई घोषणा पर अमल करते हुए पुल निर्माण की स्वीकृति व बजट जारी करने की मांग की है। —————————————-पुल की सौगात मिले तो दो राज्यों को मिलेगा लाभ —————————————-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घोषणा पर उचित कार्यवाही का भरोसा दिया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री यदि 107 करोड़ के पुल की सौगात देते हैं तो इस पुल निर्माण से उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश राज्य को निकट से जुड़ने के लिए एक और मार्ग मिल जाएगा। साथ ही उत्तर प्रदेश,बिहार, बंगाल,पौड़ी गढ़वाल व कुमायूं क्षेत्र को नजीबाबाद होकर लक्सर रूड़की होकर सहारनपुर, हरियाणा पंजाब व जम्मू-कश्मीर तक आने जाने का सुगम मार्ग मिलेगा।
————————————–रूड़की व लैंसडाउन सेना छावनी को मिलेगा नया मार्ग ———————————— लक्सर व नजीबाबाद विधानसभा के बीच गंगा नदी पर पुल निर्माण होने से रूड़की व लैंसडाउन सेना छावनी को आने जाने के लिए निकट,सुगम व किफायती मार्ग मिलेगा। विपरीत परिस्थितियों में यह मार्ग सेना के लिए लाभकारी हो सकता है। वर्तमान में सेना को हरिद्वार , मुजफ्फरनगर, बालावाली होकर जाना होता है।
—————————————- पर्यटन विकास होगा तो रोजगार बढ़ेगा-————————–
नजीबाबाद विधानसभा का राजस्व गांव नांगल सोती पौराणिक, ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व संजोए हुए है। महाभारत काल,राजा मोरध्वज की कर्म स्थली, नजीबाबाद व बिजनौर से हरिद्वार के लिए पुरानी मार्ग, गंगा नदी के तट पर बसे रहने के कारण रमणीक स्थल है। उत्तरी क्षेत्र का पहला स्थान जहां गंगा की रेती पर कार्तिक पूर्णिमा का मेला लगता है। आजादी से पहले व आज तक गंगा खादर का विकास नहीं हुआ है। पुल निर्माण होने से नजीबाबाद व लक्सर विधानसभा के गंगा खादर के विकास को पंख लगेंगे। गंगा खादर में ग्राम समाज की भूमि पर व निति भूमि उद्योग लगेंगे तो युवाओं को रोजगार मिलेगा।
—————————————बिजनौर के माननीय पुल निर्माण को लेकर गंभीर नहीं —————————————

इसे बिजनौर जनपद का दुर्भाग्य कहें या नियति बिजनौर जनपद के सुनियोजित विकास के लिए विकास के नाम पर लोकसभा, विधानसभा व विधान परिषद में जाने वाले माननीय विकास व दायित्व की परिभाषा भूल जाते हैं । लक्सर व नजीबाबाद विधानसभा के बीच रामपुर रायघटी के निकट गंगा नदी पर पुल निर्माण की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जनपद के किसी एक माननीय ने अपने स्तर से उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से पुल निर्माण की स्वीकृति व बजट जारी कराने का प्रयास नहीं किया ना ही 107 करोड की लागत का पुल उनके लिए महत्त्व रखता है। नजीबाबाद, नगीना विधायक व नगीना सांसद का क्षेत्र होने के बाद भी वह खामोश जनता के हित में नहीं है।
—————————————-तीन दशक के प्रयास से जगी आस, लेकिन खामोशी घातक ————————————

पुल निर्माण संघर्ष समिति नांगल सोती तीन दशक से गंगा नदी पर पुल निर्माण की मांग करती चली आ रही है। प्रदेश की सपा सरकार ने पुल निर्माण के लिए सर्व कराया था तब आस जगी थी लेकिन बिजनौर विधानसभा के उपचुनाव ने इस आस को छीन लिया। राजनैतिक लाभ के लिए सपा सरकार ने नांगल सोती के स्थान पर पुराने रेल पुल पर सड़क यातायात चलते रहने के बाद भी बालावाली में पुल निर्माण स्वीकृत कर दिया। अब उत्तराखंड सरकार की पुल निर्माण की घोषणा से एक आस जगी तो बिजनौर के माननीय से लेकर प्रभारी मंत्री, मुख्यमंत्री सब खामोश है। यदि उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आपस में वार्ता कर अपने अपने क्षेत्र के निर्माण का बजट उपलब्ध कराने पर सहमत होते हैं, स्वीकृत व बजट जारी करते है तो दो विधानसभा के गंगा खादर के दिन बहुरेंगे,दो राज्यों का निकट से मिलन होगा, पर्यटन व रोजगार विकसित होने की संभावना बढ़ेंगी। देश व उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में ट्रिपल इंजन की विकासवादी जनहितकारी सरकार होने, दर्जनों विकास पुरूषों के रहते विकास की संभावना के सपने देखना आम जन के लिए बेमानी‌ लग रही है I