देहरादून। एसएसपी दून के निर्देशो पर चलाये जा रहे सत्यापन, चैकिंग अभियान के दौरान पुलिस को त्यूनी बाजार में बदहवास हालत में घूमता हुआ एक बालक मिला था, पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही कर मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक के परिजनों को ढूंढकर बालक को परिजनों के सुपुर्द किया। पुलिस के अनुसार लगभग 01 माह पूर्व बालक घर से बिना बताये निकल गया था वह सुनने तथा बोलने में असमर्थ है। बालक की सकुशल बरामदगी पर परिजनों द्वारा दून पुलिस का आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा निर्गत निर्देशों के अनुपालन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रो में पुलिस द्वारा लगातार सघन चैकिंग, सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सत्यापन अभियान के दौरान त्यूनी क्षेत्र में पुलिस टीम को एक लगभग 15-16 वर्षीय बालक परेशान अवस्था में घूमता हुआ मिला, जिससे बातचीत करने का प्रयास करने पर बालक के बोलने तथा सुनने में असमर्थ होने पर पुलिस टीम को उससे किसी भी प्रकार की कोई जानकारी प्राप्त न हो सकी। बालक को सुरक्षा की दृष्टि से थाना त्यूनी लाया गया। बालक की पहचान एंव उसके सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित करने के उद्देश्य से पुलिस टीम द्वारा बालक की फोटो को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करते हुए आस-पास के थानो/ जनपदों को बालक के परिजनों की जानकारी हेतु अवगत कराया गया। पुलिस टीम द्वारा लगातार किये जा रहे प्रयासों के परिणाम स्वरूप पुलिस टीम को बालक के परिजनों के ग्राम मोड़ा, थाना मोरी, जनपद उत्तरकाशी में होने के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुई। प्राप्त जानकारी के आधार पर बालक के परिजनों से सम्पर्क कर उन्हें थाना त्यूनी पर बुलाकर बालक को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया। पूछताछ में बालक के परिजनो द्वारा बताया गया कि बालक मानसिक रूप से पूर्णत: स्वस्थ नहीं है तथा सुनने व बोलने के साथ साथ किसी बात को समझने में भी असमर्थ है, जो लगभग 01 माह पूर्व अपने घर से बिना बताये कहीं चला गया था तथा परिजन उसे ढूंढने का लगातार प्रयास कर रहे थे। बालक को सकुशल वापस पाकर परिजनों द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस की कार्यप्रणाली की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए दून पुलिस का आभार व्यक्त किया गया।


