देहरादून ।आज उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा अपनी पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत फर्जी स्थाई निवास जांच की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी एवं सुलोचना भट्ट के साथ सत्या पोखरियाल ने कहा क़ि राज्य बनने के बाद से जो स्थाई निवास प्रमाण पत्र बने हैं उनकी जांच की जाये। विशेषकर जो राज्य बनने के बाद रोजगार पर लग गये हैं उनके निवास प्रमाण पत्र की जांच गति के साथ गहन जांच हो और दोषी अधिकारी व कर्मचारियों के प्रति तत्काल कार्यवाही की जायं। प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती एवं महासचिव रामलाल खंडूड़ी के साथ पूरण सिंह लिंगवाल ने कहा क़ि पृथक उत्तराखण्ड राज्य बनने का जो सपना हमने देखा था क़ि राज्यवासियों को रोजगार व राज्य की योजनाओं का लाभ सीधे उत्तराखण्ड वासियों को मिलेगा लेकिन यह सपना ही रह गया क्योंकि जिस प्रकार लगातार फर्जी प्रमाण पत्र के माध्यम से नौकरियां , जमीनी खरीद फरोक्त एवं योजनाओं का लाभ लें रहें हैं और उनके केवल प्रमाणपत्र निरस्त किये जा रहें हैं लेकिन बनाने वाले कर्मचारियों के उपर कोई दण्डात्मक कार्यवाही नहीं की गई लेकिन राज्य आंदोलनकारी मंच अब यह बर्दाश्त नहीं करेगा। पुष्पलता सिलमाणा एवं विशम्भर दत्त बौठियांल ने कहा क़ि मुख्यमन्त्री द्वारा मात्र स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की पिछले 03-वर्षों की जांच की बात कहीं गई हैं वह वर्षवार 2002 से प्रारम्भ की जायं और मूलनिवास बनाने की प्रक्रिया तत्काल प्रारम्भ की जायं। ज्ञापन देने वालों मॆं केशव उनियाल, पुष्पलता सिलमाणा, जगमोहन सिंह नेगी, रामलाल खंडूड़ी, सत्या पोखरियाल, सुलोचना भट्ट, प्रदीप कुकरेती, अरुणा थपलियाल, राधा तिवारी, पूरण सिंह लिंगवाल, मनोज नौटियाल, मोहन खत्री, हरी सिंह मेहर, सुरपाल सिंह, सुशील चमोली, राकेश नौटियाल, लोक बहादुर थापा, विनोद असवाल, हरी प्रकाश शर्मा, प्रभात डण्डरियाल, धनंजय घिल्डियाल, शकुन्तला देवी, तारा पाण्डे, रामेश्वरी नेगी, रामेश्वरी क्रांति अभिषेक, एनएस नेगी, रावत, लक्ष्मी बिष्ट, शुभागा फर्स्वाण, संगीता रावत, यशोदा रावत, गोदावरी भट्ट, पुष्पा नेगी, दमयंती देवी, संम्पत्ति देवी, गीता नेगी, विक्रम सिंह राणा, यतींद्र नेगी, पुष्पा रावत, भुवनेश्वरी नेगी, रेणुका पन्त, सुमति पडीयार, गीता नेगी, निधी भट्ट, डीबी शास्त्री, सरोज कण्डवाल आदि


