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जल्द मिलने जा रहा जिला अस्पताल का अपना बल्ड बैंक

Dehradun Uttarakhand


देहरादून। जिला प्रशासन देहरादून के सत्त प्रयासों से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार निरंतर सुधार हो रहा है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्णय, स्पष्ट मार्गदर्शन तथा जिलाधिकारी सविन बंसल के समर्पण एवं सत्त निगरानी के परिणामस्वरूप जनपद देहरादून में विकास कार्य तेज़ी से धरातल पर उतर रहे हैं। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में जिला चिकित्सालय कोरोनेशन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जिला चिकित्सालय कोरोनेशन में ₹142.91 लाख की लागत से अत्याधुनिक ब्लड बैंक का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। ब्लड बैंक की स्थापना जिलाधिकारी की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल रही है। जिलाधिकारी स्वयं नियमित मॉनिटरिंग के साथ शासन एवं उच्च स्तर पर समन्वय कर रहे हैं, जिसके फलस्वरूप इसी वित्तीय वर्ष में जिला चिकित्सालय को अपना ब्लड बैंक प्राप्त हो जाएगा। ब्लड बैंक के संचालन से मरीजों एवं तीमारदारों को रक्त की उपलब्धता हेतु इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित उपचार सुनिश्चित हो सकेगा। जिलें में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सशक्तिकरण जिलाधिकारी के सत्त प्रयासों एवं प्रभावी निगरानी के परिणामस्वरूप जिला चिकित्सालय में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 12 नवम्बर 2024 को 6 बेड से प्रारम्भ हुई स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू ) वर्तमान में दोगुनी क्षमता के साथ संचालित की जा रही है। एसएनसीयू विस्तारीकरण दृ ₹17.03 लाख, की धनराशि से किया गया है। इस आधुनिक यूनिट में दो मदर वार्ड स्टाफ रूम,  24×7 सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है, जिससे सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है।
नवजातों को मिल रहा जीवनदायी उपचार
एसएनसीयू के प्रारम्भ से अब तक स्वास्थ्य सेवाओं का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। प्रारम्भिक अवधि में 51 नवजातों को उपचार का लाभ मिला। जनवरी 2025 से वर्तमान तक 440 से अधिक नवजातों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया है। नवजातों को अस्पताल तक लाने एवं आवश्यकतानुसार उच्च स्तरीय जांच हेतु अन्य चिकित्सालयों में भेजने के लिए जिलाधिकारी द्वारा एक डेडिकेटेड वाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में नवजातों को ईको परीक्षण हेतु कोरोनेशन अस्पताल भेजा गया, जिससे समय पर विशेषज्ञ देखभाल सुनिश्चित की जा सकी। ब्लड बैंक के अतिरिक्त जिला चिकित्सालय में ऑटोमेटेड पार्किंग एवं आधुनिक कैंटीन का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। साथ ही मरीजों एवं तीमारदारों की सुविधा हेतु एक डेडिकेटेड “रक्त गरुड़” इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराया गया है, जिससे रक्त लाने-ले जाने में आवागमन सुगम हुआ है।