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अखिल भारतीय विद्यालय परिषद का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 15अप्रैल से , शैक्षणिक संस्थाओं में आत्महत्या की घटनाओं पर एबीवीपी ने जताई चिंता, नई शिक्षा नीति आने से देश व्यापक परिवर्तन के दौर में:याज्ञवालक्य

Dehradun Delhi Uttarakhand


देहरादून (Big News Today) दून यूनिवर्सिटी में शनिवार से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हो रहा है। सम्मेलन से पहले एबीवीपी के पदाधिकारियों ने मीडिया कर्मियों से वार्ता की। शैक्षणिक संस्थानों में आत्महत्या की घटनाओं के बढ़ने के मामलों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चिंता व्यक्त की है, साथ ही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण एवं गंभीर कदम उठाए जाने की मांग की है। प्रेसवार्ता के दौरान एबीवीपी पदाधिकारियों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के केंद्रीय कार्यालय मंत्री दिगंबर पंवार ने इस संदर्भ में विज्ञप्ति जारी की। इस हवाले से एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवालक्य शुक्ल ने देहरादून में प्रेसवार्ता की और उन्होंने नई शिक्षा नीति की सराहना भी की है।

केंद्रीय कार्यालय की तरफ से जारी नोट में कहा गया है कि आत्महत्या की समस्या के समाधान के लिए देश के शैक्षणिक परिसरों को आनंदमय सार्थक छात्र जीवन का केंद्र बनाने के लिए सभी मिलकर प्रयास करें। जहां पर छात्र रचनातमक व तनावमुक्त वातावरण के साथ देश में अच्छा करने वाले एक बेहतर नागरिक बनकर निकलें।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जा रही परीक्षाओं में पारदर्शिता हो। विश्वसनीय एवं सरकारी कंप्यूटर लैबों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए। एनटीए की परीक्षाओं के कैलेंडर में समस्याओं एवं पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, जोकि आदर्श स्थिति नहीं है। एबीवीपी ने विज्ञप्ति में कहा है कि हाल ही में आये नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के मसौदे पर स्कूली शिक्षा के अनुरूप विस्तृत चर्चा होनी चाहिए, जिससे देश की स्कूली शिक्षा में व्यापक व सार्थक परिवर्तन देखने को मिलें।

उत्तरांचल प्रेस क्लब में कॉन्फ्रेंस करते हुए एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवालक्य शुक्ल ने कहा कि आज देश का शैक्षणिक परिदृश्य नई शिक्षा नीति के आने से एक व्यापक परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है।, ऐसे में शिक्षा से जुड़े सभी हितधारकों को इस परिवर्तन को सकारात्मक दिशा देने के प्रयास करने होंगे। शुक्ल ने कहा कि छात्र संघ चुनाव कराने, परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं पाठ्यक्रमों के सकारात्मक बदलाव के लिए शीघ्रता से कदम उठाने होंगे। एबीवीपी भी शिक्षा सुधार में सकारात्मक योगदान के लिए संकल्पित है। प्रेसवार्ता में एबीवीपी के प्रांत मंत्री रितांशु कंडारी, प्रान्त सह-मंत्री ऋषभ रावत एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य किरन कठायत भी उपस्थित रहें।