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न्याय की स्पीड: 19 दिन में 20 वर्ष की सज़ा, नाबालिग से दिल्ली में बंधक बनाकर किया गया था दुष्कर्म

Uttarakhand


अमरोहा/मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश)

नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में अदालत ने त्वरित सुनवाई करते हुए दोषी को सजा सुनाकर पीड़ित को न्याय देने का काम किया है। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट प्रथम) डॉ.कपिल राघव की अदालत ने 19 दिन में सजा सुनाई है। दोषी पर 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसमें से 30 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सैदनगली थानाक्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने 24 मई को युवक आदित्य वर्मा के खिलाफ बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के अनुसार पड़ोस में किराये पर रहने वाले आदित्य ने 21 मई 2022 को कक्षा 11 में पढ़ने वाली उसकी नाबालिग बेटी को अगवा कर लिया था। दोषी द्वारा दिल्ली लेजाकर बंधक बनाकर रखी गई छात्रा ने 1 जून को किसी तरह पड़ोसी के फोन से अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने दिल्ली जाकर छात्रा को मुक्त कराया था। मौके से भागे आदित्य को बाद में पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए मामले में दुष्कर्म व अन्य धाराएं बढ़ाई थीं। इस मामले में 13 सितंबर को अदालत में पहली सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने शनिवार को सजा सुना दी। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी ने बताया कि इस मामले में 19 दिन में फैसला सामने आ गया। ये त्वरित न्याय का एक प्रभावी उदाहरण माना जा रहा है।

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