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अवैध खनन को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर किए सवाल खड़े , प्रदेश में खुले आम खनन की हो रही चोरी- करन माहरा

Uttarakhand


देहरादून ( Big News Today)

प्रदेश में अवैध खनन को लेकर और रेखा आर्य के लेटर को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार द्वारा बीते 1 हफ्ते में लगातार नियम के विरुद्ध आदेश जारी हो रहे है।

प्रदेश में खनन को लेकर छोटे ठेकेदारों की कमर तोड़ने का काम किया जा रहा है, लगातार रॉयल्टी बड़ाई जा रही है जिसको लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर खड़े कर दिए है
कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष करण महारा ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि खनन का अवैध कारोबार चरम पर है , प्रदेश में खुले आम खनन की हो रही चोरी
सरकार द्वारा हालही में एक आदेश जारी हुए जिसमे कहा गया की अगर रॉयल्टी के कागज ठेकेदार उपलब्ध नहीं कराती है, तो ठेके की कुल राशि का 5% सरकार काटेगी, लेकिन सरकार 2- 2 बार रॉयल्टी कट कर रही है।
कॉपरेटिव में हुए भर्ती घोटाले को लेकर राज्य सरकार को लिया आड़े हाथों त्रिवेंद्र सरकार के समय पर विधायक यतीश्वरानंद और सुरेश राठोर ने इस मामले को उठाया और यह सरकार ने माना भी था जब गणेश गोदियाल अध्यक्ष थे तो इस विषय को लेकर सचिवालय के गेट पर धरना दिया था जिसमें विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया था कि हमारे विभाग में बैक डोर से इंट्री करा कर नियुक्ति दी गई है, जिसकी निष्पक्ष जांच की जाए

संविदा और आउटसोर्स के कर्मचारियों ने 61 लोगों को नियुक्ति दी गई है और ज्यादातर लोग अध्यक्ष के रिश्तेदार और परिजन है, जिसको लेकर कांग्रेस ने जांच की मांग की है
सीटिंग जज से जांच की मांग की गई , ताकि जांच निष्पक्ष हो सके

खाद्य आपूर्ति अधिकारियों को निजी कार्यक्रम में जाने के लिए मंत्री द्वारा सरकारी आदेश जारी कराया गया है, जोकि नियम के खिलाफ

इसकी निष्पक्ष जांच सरकार को कराई जानी चाहिए

विभागीय मंत्री जब तक बने रहेंगे तब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगा

61 लोगों को नियुक्तियां दी गई हैं और इन 61 लोगों में अधिकतर ऐसे हैं जो अध्यक्ष के जाने वाले या रिश्तेदार हैं हम इसकी भी जांच की मांग करते हैं

मंत्री जी का इस्तीफा ले जब तक निष्पक्ष जांच ना किया जाए क्योंकि निष्पक्ष जांच के लिए मंत्री जी का इस्तीफा जरूरी है

विवादास्पद पत्रों की बाढ़ जिसमें खाद्य पूर्ति आपूर्ति को राज्य से बाहर निजी कार्यक्रम जाने के लिए एक सरकारी आदेश पारित होता है।
उसके बावजूद इस तरीके का पत्र लिखा गया है जो गलत है।

करन माहरा ने kaha की विभागीय मंत्री जब तक बने रहेंगे तब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगा, मुख्यमंत्री मंत्री का इस्तीफा ले जब तक निष्पक्ष जांच ना किया जाए क्योंकि निष्पक्ष जांच के लिए मंत्री जी का इस्तीफा जरूरी है