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कोरोना से जंग जीतने के बाद कई लोगों को मानसिक तौर पर जंग जीतने में हो रही है दिक्कत, सरकार ने नोडल अफ़सर बनाकर मेंटल हेल्थ और पोस्ट कोविड मैनेजमेंट पर दिया ध्यान

Uttarakhand


देहरादून ( Report by: Shabnoor )

कोरोना ऐसी महामारी है जिससे पहली लहर से बड़ी मुश्किल से लोग उसके भय और आशंकाओं से उबरकर बाहर निकल रहे थे कि अब दूसरी लहर ने परेशान कर दिया है। बड़ी तादाद में लोग कोरोना से जंग जीतकर अपने परिवार में सामान्य तौर पर रह रहे हैं। लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जो बेहद गंभीर हालात में पहुंचने के बाद कोरोना को मात देकर वापस नई जिंदगी लेकर लौटे हैं। ऐसे लोग मानसिक तौर पर कोरोना का भय से छुटकारा नहीं पा सके रहे हैं। उनके साथ कोविड से जंग जीतने के बाद कई लोगों के साथ मानसिक परेशानी भी आ रही है। ऐसे ही लोगों के लिए मेंटल हेल्थ और पोस्ट कोविड मैनजमेंट के लिए शासन ने कुछ कोशिश में कदम बढ़ाया है।

प्रभारी मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सीनियर आईएएस डी. सेंथिल पांडियन को स्टेट नोडल अफ़सर बनाया है। पोस्ट कोविड मैनेजमेंट और मेंटल हेल्थ से जुड़े मामलों को स्वास्थ्य विभाग नोडल अफ़सर से साझा करेगा और ऐसे मामलों की संख्या और प्रकृति का आंकलन करके आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। क्योंकि कोरोना से बेहद क्रिटिकल हालात में जंग जीतने के बाद बहुत लोगों के साथ मानसिक तौर पर परेशानी सामने आ रही है। वो कोरोना से तो ठीक हो गए हैं लेकिन उसके भय से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। विभाग ये भी कोशिश करेगा कि मानसिक तौर पर ऐसे लोगों की काउन्सिलिंग कराई जाए ताकि वो इस बीमारी से शारीरिक तौर पर तो जीत चुके हैं और उन्हें इसबात का मानसिक तौर पर भी अहसास होकर व्व मजबूती से सामान्य जीवन मे जल्दी कामकाज शुरू करें।