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…और बदल गया उत्तराखंड का एक दिन को मुख्यमंत्री, त्रिवेंद्र रावत ने मंजूरी देते हुए दिया बड़ा संदेश

Uttarakhand


उत्तराखंड की एक दिन की मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी

देहरादून

देश के इतिहास में उत्तराखंड का नाम एक दिन के मुख्यमंत्री बदले जाने के तौर पर दर्ज हो गया है। एक दिन की मुख्यमंत्री बनकर छात्रा सृष्टि गोस्वामी ने इतिहास रच दिया, 24 जनवरी दिन रविवार समय 12बजकर 10 मिनट और बदल गया उत्तराखंड का मुख्यमंत्री। त्रिवेंद्र रावत सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धनसिंह रावत और उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी ने एक दिन की सीएम सृष्टि गोस्वामी और उनकी कैबिनेट मंत्रियों, नेता प्रतिपक्ष और विधायकों को प्राधिकार पत्र सौंपे। अपने अभिवादन संबोधन में सीएम सृष्टि ने सभी का आभार जताया।

उत्तराखंड विधनसभा भवन के सभागार नम्बर 120 में एक दिन की मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी ने बाकायदा लगाई गई जिसमें कुमकुम पंत गृह मंत्री और आसिफ हसन नेता प्रतिपक्ष के तौर पर शामिल हुए।बाल संसद में विपक्ष के सवालों के जवाब बहुत हुए सधे हुए और परिपक्व तरीके से जवाब दिए और अपनी सरकार की विकास योजनाएं और उपलब्धियां भी गिनाईं। इसके बाद मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी ने एक दर्जन विभागों की योजनाओं की समीक्षा की।

इन विभागों के अधिकारियों ने दिया प्रजेंटेशन

लोक निर्माण विभाग डोबरा-चांठी समेत अन्य पुलों से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। पर्यटन विकास परिषद होम स्टे योजना की जानकारी देगा। उरेडा ऊर्जा पार्क और सोलर विकास कार्यो की प्रस्तुति करेगा। बाल विकास विभाग आंगनबाड़ी योजना के पोषण अभियान के बारे में बताएगा। तो वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग अटल आदर्श विद्यालयों की जानकारी देगा। स्वास्थ्य महानिदेशालय अटल आयुष्मान योजना की जानकारी देगा। इसके अलावा ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में हुए विकास कार्यो, ग्राम्य विकास, स्मार्ट सिटी, पर्यटन एवं उद्योग और पुलिस-प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी उपलब्ध कराई गई।

कौन हैं सृष्टि गोस्वामी और कैसे बनीं एक दिन की मुख्यमंत्री!

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

सृस्टि गोस्वामी हरिद्वार जिले के दौलतपुर गांव की रहने वाली हैं, इनके पिता प्रवीण गोस्वामी दुकान चलाते हैं और माँ गृहणी हैं। सृष्टि रुड़की के बीएसएम पीजी कॉलेज में बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा है। वर्ष 2018 में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की तरफ से आयोजित बाल संसद में बाल विधायकों की तरफ से मुख्यमंत्री चुनी गईं थीं। इसवर्ष बाल अधिकार दिवस पर आयोग की अध्यक्ष उषा नेगी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से अनुरोध किया कि क्यों ना इस वर्ष सृष्टि गोस्वामी को उत्तराखंड का एक दिन का मुख्यमंत्री बना दिया जाए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बालिका प्रोत्साहन के मद्देनजर एक बड़ा और प्रभावशाली संदेश देते हुए इस प्रस्ताव को स्वीकारते हुए एक दिन के मुख्यमंत्री के तौर योजनाओं की समीक्षा करने की मंजूरी दी थी। इस एक दिन के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में सृष्टि गोस्वामी कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगी।FacebookTwitterWhatsAppGmailShare