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हरिद्वार दौरे पर आये नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार को घेरा, संस्कार की बात करने वाले भाजपाई हर राज्य में अवैध शराब और नशीले पदार्थों के व्यापार में लिप्त: आर्य

Dehradun Haridwar Uttarakhand


हरिद्वार/देहरादून, बिग न्यूज़ टूडे: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने जनपद हरिद्वार में रुड़की के कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भेंट कर पंचायत चुनाव को लेकर की जाने वाली तैयारियों और पार्टी की मजबूती को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा की। साथ ही सभी को चुनाव के लिए पूरे प्राण-पण से जुटने के लिए प्रेरित किया।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि , गुजरात ही नहीं भाजपा शासित हर प्रदेश अवैध जहरीली शराब और नशे का अड्डा बन चुका है।  इन अवैध नशे का कारोबार करने वाले माफियाओं को सरकार के ताकतवर लोगों का संरक्षण मिला होता है इसीलिए आजतक तमाम जांचों के बाद भी न अवैध जहरीली शराब का कारोबार रुका है न ही इनके पीछे की बड़ी मछलियों को जेल भेजा गया है।


 हरिद्वार भ्रमण पर आए आर्य ने कहा कि , भाजपा शासित राज्य गुजरात में शराबबंदी का ढोंग सामने आ गया है । गुजरात में अभी तक कुल 45 मासूम गरीबों ने अवैध जहरीली शराब पीकर अपनी जान गवांकर  अपने मासूम बच्चों को रोता बिलखता छोड़ दिया है। उन्होंने प्रश्न किया कि गुजरात सरकार, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री जो गुजरात से आते हैं इनके पास इसका कोई जवाब नहीं है कि, आखिर कौन इन गरीबों की मौत के लिए कौन  जिम्मेदार है ?


 यशपाल आर्य ने बताया कि गुजरात ही नहीं भारतीय जनता पार्टी शासित अन्य राज्यों में भी पिछले 5 सालों में अवैध जहरीली शराब से जमकर मौतें हुई हैं।  यदि केवल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य जंहा पिछले 5 साल से अधिक समय से भाजपा के सरकारें हैं की बात करें तो इन 5 सालों में अवैध जहरीली शराब से लगभग 600 लोगों की मौत हुई है।


 आज हरिद्वार के भगवानपुर के राजनीतिक दौरे के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने याद दिलाते हुए कहा कि फरवरी 2019 के महीने हरिद्वार जिले के भगवानपुर के झबरेड़ा थाने के बल्लुपुर आदि गांव में मार्च के महीने फरवरी के महीने 19 में 44 लोगों की मौत अवैध शराब की सेवन से हुई थी। भगवानपुर अवैध शराब कांड में जो लोग पीड़ित हुए उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए तक एंबुलेंस तक उपलब्ध नही हो पाई थी। आज इन गरीबों के मासूम बच्ची दर दर की ठोकर खाकर भीख मांगने को मजबूर हैं। इस शराब कांड की विधानसभा की समिति से जांच करवाई गई लेकिन आज तक ये पता नही चला कि आखिर इस कांड के पीछे कौन था और किस विभाग की जिम्मेदारी इस अवैध रसायन को रोकने की थी। उन्होंने बताया कि केवल भगवानपुर में ही नही बल्कि इसी समय पड़ोस के उत्तर प्रदेश के सहारनपुर , मेरठ और कुशीनगर में भी अवैध शराब कांड हुआ जिसमें लगभग 100 लोगों की मौत हुई ।


 आर्य ने सरकार को याद दिलाते हुए आरोप लगाया कि ,  सरकार ने तब दावा किया था कि , अवैध शराब के व्यापार को रोकने के लिए कानून लाएंगे परंतु इस घटना के 7 महीने बाद ही सितंबर 2019 में राजधानी देहरादून में 6 लोगों की मौत अवैध जहरीली शराब से की सेवन करने से हुई इस कांड में गिरफ्तार व्यक्ति का संबंध भारतीय जनता पार्टी से था। कुल मिलाकर संस्कार की बात करने वाले भाजपाई हर राज्य में अवैध शराब और नशीले पदार्थों के व्यापार में लिप्त हैं ।