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उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच का राजधानी दून मॆं धरना

Dehradun Uttarakhand


देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा पूर्व घोषणा के तहत सुबह 11:30 बजे से गाँधी रोड़ स्थित दीनदयाल पार्क मॆं राज्य आंदोलनकारियों ने मुख्यमन्त्री द्वारा राज्य स्थापना दिवस पर की गई घोषणा का दो महीने बाद भी शासनादेश जारी नहीं किये जाने को लेकर नाराजगी दिखाते हुये, धरना दिया गया। धरने का संचालन विशम्भर दत्त बौंठियांल एवं अध्यक्षता केशव उनियाल द्वारा की गई। आज राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा ज्ञापन अपर तहसीलदार प्रदीप नेगी द्वारा लिया गया। धरने मॆं सत्या पोखरियाल व पुष्पलता सिलमाना के साथ विजय लक्ष्मी गुसांई ने नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा क़ि मुख्यमन्त्री द्वारा की गई घोषणा को दो माह हो गया लेकिन उसका शासनादेश अभी तक जारी नहीं किया जबकि इसे ठीक उलट गत माह कुछ संगठनों द्वारा धरने प्रदर्शन हुये और उन्हें 24 से 48 घण्टे मॆं शासनादेश जारी कर दिया गया। सरकार की उन शहीदों के परिजनों एवं राज्य आंदोलनकारियों के प्रति कितनी गंभीरता हैं यह शासन की कार्यशैली से स्पष्ट हो गया। द्वारिका बिष्ट एवं राधा तिवारी के साथ ही शकुन्तला रावत ने कहा क़ि लगातार राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं होंगी क्योंकि ना 10प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ के साथ पुरानी पेंशन का लाभ भी सभी चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों व कर्मचारियों को मिल रहा हैं और ना ही वर्षों से लम्बित चिन्हीकरण के मामलों का निस्तारण किया जा रहा हैं। शहीदों के परिजन व आश्रित अपने बच्चों की सुविधा हेतु इस आरक्षण व पेंशन का लाभ नहीं लें पा रहें हैं। यदि शीघ्र घोषणाओं का शासनादेश जारी नहीं किया जाता तों राज्य आंदोलनकारी मंच अगले माह 16 जनवरी को सचिवालय घिराव करेगा। प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी के साथ प्रदेश प्रवक्ता ने कहा क़ि मुख्यमन्त्री को राज्य आंदोलनकारी व शहीदों के मामले मॆं स्वतः हस्तक्षेप कर संज्ञान लेना चाहियॆ साथ ही समीक्षा बैठक लेकर सभी बिन्दुओं पर सचिवों व जिला प्रशासन को निर्देश देने का कार्य करना चाहियॆ।
 धरना देने वालों मॆं मुख्यतः वालें  सलाहकार केशव उनियाल, शिवराज सिंह रावत, सुरपाल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, पृथ्वी सिंह नेगी, प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती, विशम्भर दत्त बौंठियांल, सतेन्द्र भण्डारी, मनोज नौटियाल, हरी सिंह मेहर, सुरपाल सिंह, धर्मपाल सिंह रावत, मोहन रावत, संजय बलूनी, द्विज बहुगुणा, जयदीप सकलानी, हरजिंदर सिंह, सुशील चमोली, राकेश नौटियाल, मोहन थापा, सुमित थापा, बलबीर नेगी, विनोद असवाल, सतेन्द्र नौगाँई, प्रभात डण्डरियाल, राजेश पान्थरी, सुमित थपलियाल, द्वारिका बिष्ट, पुष्पलता सिलमाणा, सत्या पोखरियाल, राधा तिवारी, शकुन्तला रावत, अरुणा थपलियाल, शकुन्तला देवी, तारा पाण्डे, रामेश्वरी नेगी, रामेश्वरी रावत, लक्ष्मी बिष्ट, मीरा गुसांई, संगीता रावत, यशोदा रावत, गोदावरी भट्ट, पुष्पा नेगी, दमयंती देवी, संम्पत्ति देवी, गीता नेगी, विक्रम सिंह राणा, ध्यानपाल बिष्ट, विजय बलूनी, धर्मानंद भट्ट, हरी सिंह मेहर, मनोज नौटियाल, गुरु प्रसाद पेटवाल, प्रभात डण्डरियाल, उपेन्द्र सेमवाल आदि शामिल थे.