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उत्तराखण्ड एसटीएफ का अब तक का सबसे बड़ा आपरेशन इनामी रहा सफल, एक लाख का ईनामी गैंग लीडर गिरप्तार

Dehradun Uttarakhand


देहरादून, बिग न्यूज़ टूडे: उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार द्वारा राज्य में इनामी अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल के नेतृत्व में एसटीएफ द्वारा उत्तराखंड के गैंगस्टर एवं इनामी अपराधियों की लगातार गिरप्तारी की जा रही है। इनामी अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे आपरेशन में एसटीएफ द्वारा उत्तराखण्ड के अलावा दूसरे राज्यों में भी लगातार दबिशे दी जा रही हैं जिसके परिणाम स्वरूप एसटीएफ द्वारा विगत डेड़ माह में 20 कुख्यात इनामी अपराधियों की गिरप्तारी की गयी है।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल द्वारा बताया गया कि पिछले एक माह से घोड़ासन गैंग/चादर गैंग के सदस्यों पर एसटीएफ द्वारा योजना बनाकर कार्य किया जा रहा था तथा बारीकी से जानकारी जुटायी जा रही थी, क्योंकि घोड़ासन गैंग के कई सदस्य काफी समय से वांछित चल रहें हैं। इस गैंग के द्वारा उत्तराखण्ड के अलावा विभिन्न राज्यों में कई बड़े मोबाईल,लैपटाॅप के ब्रान्डेड शोरूमों से चोरी की घटनायें घटित की गयी हैं। पूर्वी चंपारण बिहार के पास घोडासन गैंग/चादर गैंग द्वारा सम्पूर्ण भारत वर्ष में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। इस गैंग के सदस्य गिरोह बनाकर अपने राज्य से बाहर अलग अलग राज्यों के बड़े शहरों में अपना गैंग लेकर चलते है व शहर के बाहर होटल किराए पर लेते हैं। फिर उस शहर में घटना घटित करने के लिये पहले किसी बड़ी ब्रान्डेड मोबाईल फोन/इलैक्ट्रानिक गैजेट्स की कम्पनी के शोरूम को चिन्हित करते है। उसके बाद रात्रि में उस शोरूम के बाहर चादर लगाकर गिरोह के सदस्य खड़े होते हैं और इस चादर की आड़ में एक सदस्य शोरूम का शटर उठाकर अन्दर जाता है, वहां से लाखों रूपये के कीमती मोबाईल फोन,लैपटाॅप आदि मंहगे गैजेट्स को चोरी कर गैंग के सदस्यों के साथ फरार हो जाते हैं। फिर ये चोरी गये मोबाईल फोन व अन्य कीमती इलेक्ट्राॅनिक सामान को नेपाल जाकर बेच देते हैं, जिससे वे सर्विलान्स से ट्रैक नहीं हो पाते हैं। इस गैंग के सदस्यों का एक जगह ठिकाना नहीं रहता हैं, जिस कारण से इनकी आसानी से गिरप्तारी संभव नहीं हो पाती है।


आयुष अग्रवाल द्वारा बताया गया कि थाना ज्वालापुर से वर्ष 2018 में एप्पल मोबाइल शोरूम से लाखों की चोरी की घटना को अंजाम देकर फरार शातिर अपराधी राजूदास उर्फ राजू पुत्र मुसाफिर निवासी ग्राम घोडासन, थाना घोडासन, जिला चंपारण,बिहार जो कि एक लाख का इनामी है, पिछले 4 सालों से थाना ज्वालापुर पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 84/2002 धारा 457/380 /411 भादवि में फरार चल रहा था एवं हरिद्वार पुलिस द्वारा इस अपराधी की पिछले चार वर्षो से तलाश की जा रही थी, लेकिन गिरप्तारी नहीं हो पायी थी। विगत 04 वर्षो से इसकी गिरप्तारी हेतु काफी प्रयास किये जा चुके थे जिस कारण से पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड द्वारा इस अभियुक्त की गिरपतारी पर एक लाख रूपये का ईनाम रखा गया था। उक्त राजूदास की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ टीम द्वारा घोडासन में ही मुखबिर सक्रिय किये गए थे, जिनसे राजूदास के संबंध में सूचना प्राप्त हुई कि यह अपने गिरोह सहित महाराष्ट्र में किसी बड़ी घटना को करने के लिये गयें हैं। इस सूचना पर एसटीएफ द्वारा अपनी एक टीम तुरन्त दिनांक 21/12/22 को सिरडी महाराष्ट्र भेजा गया, वहां पर अभियुक्त राजूदास के सभी सम्भावित ठिकानों पर दबिष देकर षिरडी महाराष्ट्र से गिरप्तारी की गयी। राजूदास ने गिरपतारी के दौरान पूछताछ में बताया गया कि मेरी गैंग के 06 अन्य सदस्य भी षिरडी मे अलग अलग ठहरे हैं, हम यहां पर किसी बड़ें शोंरूम की तलाष में आये हैं, जहां पर चोरी की जा सके। इस पूछताछ का व्योरा एसटीएफ टीम द्वारा थाना शिरडी महाराष्ट्र पुलिस को तत्काल दिया गया,जिसके आधार पर शिरडी थाना पुलिस द्वारा अन्य 06 सदस्यों को तलाश कर गिरप्तार किया गया। पकड़े गये अभियुक्त राजू दास को एसटीएफ टीम द्वारा आज हरिद्वार कोर्ट में पेश किया जायेगा।

विशेषः-
इस गैंग को ट्रैस करने में उत्तराखण्ड एसटीएफ के निरीक्षक अबुल कलाम की विषेष भूमिका रही है। उन्होंने अपने सक्रिय नेटवर्क का इस्तेमाल कर गैंग के सदस्यों को चिहिन्त किया गया और उक्त अभियुक्त की गिरप्तारी से ही महाराष्ट्र में होने वाली किसी बड़ी घटना होने से रोका गया है।