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केवी आईटीबीपी ने पेरेंट्स एस पार्टनर इन लर्निंग प्रोग्राम” का किया आयोजन , बच्चों के भविष्य में स्कूल और माता – पिता की साझेदारी अहम- संजय कुमार

Uttarakhand


देहरादून ( Big News Today)


“कोई भी स्कूल बच्चों के लिए अच्छा काम नहीं कर सकता है यदि माता-पिता और शिक्षक बच्चों के सर्वोत्तम हितों के लिए साझेदारी में कार्य नहीं करते हैं”

केवी आईटीबीपी देहरादून ने 29 जुलाई, 2022 को दोनों पालियों के कक्षा-5वीं के छात्रों के माता-पिता के लिए “पेरेंट्स एस पार्टनर इन लर्निंग प्रोग्राम” का आयोजन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजय कुमार, प्राचार्य केवी आईटीबीपी ने दीप प्रज्ज्वलन कर शुरुआत की।

मुख्य अतिथि संजय कुमार ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चे की सीखने की क्षमता पर सकारात्मक और स्थायी प्रभाव डाल सकते हैं। माता-पिता और शिक्षकों को दो-तरफा संचार के अवसरों का विकास करना चाहिए, जिसके माध्यम से लक्ष्यों की प्राप्ति संभव हो सके । दोनों को बच्चों के सीखने के लिए सकारात्मक परिवेश विकसित करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

माता-पिता की सफल भागीदारी का अर्थ है- परिवारों और शिक्षकों की आपसी भागीदारी।
इसका उद्देश्य माता-पिता को पाठ्यक्रम और बच्चों के समग्र विकास के भागीदार के रूप में परिचित कराना भी था।

केवी आईटीबीपी के छात्रों के स्वागत गीत ने कानों को सुकून दिया और सभागार को सकारात्मकता से भर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत संजय कुमार, प्राचार्य केवी आईटीबीपी देहरादून के स्वागत भाषण से हुई। अपने भाषण में उन्होंने समझाया कि वर्तमान परिदृश्य में शिक्षण सीखने की प्रक्रिया में माता-पिता की भागीदारी क्यों महत्वपूर्ण है? प्राचार्य ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत बच्चे के समग्र विकास, 21वीं सदी के कौशल विकास व समावेशी शिक्षा पर भी जोर दिया जो कि स्कूल के मुख्य उद्देश्यों में से एक है।

पवन कुमार डबराल, मुख्याध्यापक केवी आईटीबीपी देहरादून ने छात्रों की प्रगति के साथ-साथ सर्वांगीण विकास के लिए घर पर अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में सभा को परिचित कराया |

इस कार्यक्रम में छह सत्र थे जो केवी आईटीबीपी के शिक्षकों और कम्पोजिट अस्पताल आईटीबीपी देहरादून की डॉक्टर द्वारा प्रस्तुत किए गए थे। सत्र के विषय इस प्रकार थे:

  1. शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में माता-पिता की भागीदारी।
    प्रस्तुतकर्ता: तृप्ति थपलियाल एवं श्रीमती प्रतिमा ढौंडियाल |
  2. छात्रों का स्वास्थ्य और कल्याण।
    प्रस्तुतकर्ता: डॉ दीक्षा पांडे, एमडी (चिकित्सा), कम्पोजिट अस्पताल, आई.टी.बी.पी. देहरादून
  3. माता-पिता और बच्चों द्वारा पुस्तकालय का उपयोग।
    प्रस्तुतकर्ता: पूजा शर्मा
  4. कला और शिल्प गतिविधि।
    प्रस्तुतकर्ता: कहकशां, रितु कला एवं शालिनी सोनी
  5. संगीत एकीकृत शिक्षाशास्त्र।
    प्रस्तुतकर्ता: डॉ. राजकिशन, नीलम काला उनियाल एवं अमरजीत सिंह
  6. प्राथमिक कक्षाओं में समावेशी शिक्षा
    प्रस्तुतकर्ता : संजना रॉय एवं कोमल
    सभी वक्ताओं ने अपने विषयों को सुरूचिपूर्ण एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया|

आशानुरूप सभी माता-पिता ने सभी सत्रों की गतिविधियों में भाग लिया, माता-पिता की सक्रिय भागीदारी के लिए वक्ताओं द्वारा गतिविधियों की भी योजना बनाई गई थी। माता-पिता को कुछ छोटे-छोटे प्रोत्साहन भी दिए गए ताकि वे भी अपने बच्चों को प्रोत्साहन देकर प्रोत्साहित कर सकें।
सरिता नौटियाल और नेहा धीर द्वारा मंच-संचालन का कार्य रूचिपूर्ण ढंग से किया गया ।

अजय घिल्डियाल, उप-प्राचार्य केवी आईटीबीपी देहरादून (द्वितीय पाली) ने धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया में माता-पिता की भागीदारी और हमारे बच्चों को खुश, कौशलों में विकसित करने और रचनात्मक रूप से सुसमायोजित नागरिक बनाने के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर अजय घिल्डियाल, उप-प्राचार्य, केवी आईटीबीपी (द्वितीय पाली) पवन कुमार डबराल, मुख्याध्यापक, केवी आईटीबीपी देहरादून व अभिभावकों ने मिलकर दीप प्रज्ज्वलित किया।