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मुनाफे में चल रही मिनी रत्न दवा कंपनी को बेचने के पीछे सरकार की मंशा क्या है? : यशपाल आर्य

Dehradun Delhi Uttarakhand


BIG NEWS TODAY : उत्तराखंड के मोहान में स्थित इंडियन मेडिसिंस फार्मास्यूटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IMPCL) को 1978 में केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर स्थापित किया था। यह आयुर्वेद और यूनानी दवाओं का प्रमुख कारखाना है जो देश भर में और विदेशों में भी दवाओं की आपूर्ति करता है। पिछले साल इसे 18 करोड़ का मुनाफा हुआ और 6 करोड़ का लाभांश सरकार को देने की तैयारी है। इस कंपनी को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं I

यशपाल आर्य ने विवरण जारी कर कहा है कि, इस यूनिट में 500 से ज्यादा कर्मचारी हैं और हजारों छोटे किसान अपनी छोटी-छोटी उपज और कच्चे माल की आपूर्ति करते हैं। मुनाफे में चल रहे दवा कारखाने को बेचने की योजना, आयुर्वेद और आयुष को बढ़ावा देने के पाखंड की सच्चाई को उजागर कर रही है।

आर्य ने कहा है कि, देश की बेशकीमती संपत्तियां चुनिंदा मित्रों को सौंपकर उनकी तिजोरी भरने के अलावा इसका क्या मकसद हो सकता है? क्योंकि सरकार मोहान रामनगर में स्थापित मिनीरत्न कंपनी इंडियन मेडिसिंस फार्मास्यूटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IMPCL) को बेच रही है।

ये मिनीरत्न कंपनी एक प्रमुख दवा कारखाना है, जो देश-विदेश में आयुर्वेद और यूनानी दवाओं की आपूर्ति करता है।

• इस मिनीरत्न कंपनी को पिछले साल 18 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है
• कंपनी सरकार को 6 करोड़ रुपए का डिविडेंड देने की भी तैयारी में है
• इस कंपनी से 500 से ज्यादा कर्मचारी जुड़े हैं
• हजारों छोटे किसान यहां कच्चे माल की आपूर्ति करते हैं

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उठाए सवाल-

आखिर क्यों सरकार मुनाफे में चलने वाली मिनीरत्न कंपनी IMPCL को बेचना चाहती है?

IMPCL के साथ की जा रही ये कारस्तानी, BJP सरकार के आयुर्वेद और आयुष को बढ़ावा देने के खोखले दावों की पोल खोल रही है।