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धामी सरकार का बड़ा फ़ैसला अब लिया यह बड़ा निर्णय जानिय क्या?

Uttarakhand


Big News Today Bureau

प्रदेश के एक लाख बस, टैक्सी, मैक्सी, विक्रम, ऑटो, ई-रिक्शा का छह माह का टैक्स सरकार ने माफ कर दिया है।

सरकार द्वारा छह माह का टैक्स माफ करने के साथ ही इन सभी वाहन स्वामियों को छह माह की अवधि में परमिट, आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस के नवीनीकरण करने पर विलंब शुल्क से राहत प्रदान की गई है।

दोबारा छह माह के लिए यह छूट प्रदान की
बुधवार को परिवहन सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा ने छूट से संबंधित आदेश जारी किया। कोविड महामारी के दौरान पिछले वर्ष 28 मई को और इसके बाद सात अक्तूबर को तीन माह की छूट का आदेश जारी किया था।

अब सरकार ने दोबारा दो तिमाही यानी छह माह के लिए यह छूट प्रदान की है। यह छूट एक अक्तूबर से 31 मार्च 2022 तक लागू रहेगी। आदेश के मुताबिक, परिवहन विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी सार्वजनिक सेवायान जैसे स्टेज कैरिज बस, स्कूल बस, टैक्सी कैब, मैक्सी, ऑटो रिक्शा, विक्रम और ई-रिक्शा को व्हीकल टैक्स में छह माह की राहत प्रदान की गई है।

आदेश में कहा गया है कि चूंकि कोविड की दूसरी लहर के दौरान भी पर्यटन आधारित परिवहन व्यावसाय संचालित नहीं हुआ। लिहाजा, सरकार ने बस, ऑटो, विक्रम, टैक्सी, मैक्सी, स्कूल बस को छह माह के लिए पंजीकरण प्रमाण पत्र, फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि के नवीनीकरण में विलंब शुल्क भुगतान से छूट प्रदान की है।
परिवहन व्यवसायी कर रहे थे माफी की मांग

कोविड की दूसरी लहर के बाद से ही लगातार परिवहन व्यवसायी टैक्स माफी की मांग कर रहे थे। उत्तराखंड टैक्सी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुंदर सिंह पवार के अलावा इनोवा टैक्सी मैक्सी संगठन भी टैक्स माफी की मांग कर रहा था। उनका कहना है कि कोविड के दौरान वाहनों का संचालन न होने की वजह से वह टैक्स जमा नहीं कर पाए हैं।

रोड टैक्स, पेनाल्टी माफ करने के फैसले से संचालक खुश
सरकार के इस फैसले पर वाहन संचालकों ने खुशी जतायी है। उत्तराखंड परिवहन महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि इस फैसले से हजारों बस संचालकों के साथ ही डेढ़ लाख से अधिक टैक्सी, मैक्सी संचालकों को राहत मिलेगी। 

सुधीर राय का कहना है कि रोड टैक्स व पेनाल्टी माफ किए जाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। देर से ही सही सरकार, शासन और परिवहन विभाग ने जो फैसला किया है इसकी जितनी भी सराहना की जाए कम है। देहरादून सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजयवर्धन डंडरियाल ने फैसले पर खुशी जाहिर की है।
 
उनका कहना है कि फैसला काफी राहत देने वाला है। वहीं स्कूल बस, वैन संचालक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सचिन गुप्ता और टैक्सी आनर्स एसोसिएशन के प्रधान योगेश अग्रवाल ने कहा कि फैसले से हजारों वाहन संचालकों को राहत मिलेगी।