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दून यूनिवर्सिटी में मीडिया फेस्ट 3.0 का आयोजन, वर्तमान मीडिया को लेकर चर्चा

Dehradun Delhi Mussoorie Uttarakhand


BIG NEWS TODAY: दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्यूनिकेशन स्टडीज द्वारा दो दिवसीय मीडिया फेस्ट 3.0 का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने सभी छात्रों को शुभकामनाएँ दी। उन्होंने आज के समय में मीडिया की सामयिकता को समझने और उसके अनुसार सामाजिक दायित्वों का निर्वाहन करने की सलाह दी।

फोटो: श्री योगेश भट्ट, सूचना आयुक्त, उत्तराखंड

वरिष्ठ पत्रकार रहे एवं वर्तमान में उत्तराखण्ड सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने मीडिया इथिक्स पर बात करते हुए कहा कि आज हमें मीडिया इथिक्स के दायरे को बढ़ाने की जरूरत है। इसमें पत्रकारिता के अलावा भी नये मीडिया माध्यमों को लाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने आर टी आई को एक ऐसा हथियार बताया जो हमारे अधिकारों की सुरक्षा करता है और हमें सजग रहने में मदद करता है।

फोटो: अनिल भारती, सहायक निदेशक दूरदर्शन एवं कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल

दूरदर्शन के सहायक निदेशक अनिल भारती ने अपने वक्तव्य में मीडिया कन्वर्जन को एक चिंता की बात बताया, जिससे एक माध्यम की उपयोगिता पर सवाल खड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा कि मीडिया संवाद का सेतु है, आज इसमें करियर के बहुत आयाम बन चुके हैं। उन्होंने पारंपरिक पत्रकारिता, रेडियो जाॅकी, पब्लिक रिलेशन और दूसरे करियर के साथ कंटेंट क्रियेशन, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, विडियो ऐडिटिंग, जैसा नये करियर को मीडिया का भविष्य बताया। उन्होंने मीडिया संस्थानों के सही चुनने पर ज़ोर दिया। उन्होंने मीडिया जगत में महिलाओं के लिए बराबर की हिस्सेदारी और समान अवसर मिले। साथ ही उन्होंने मीडिया में चुनौतियों की बात भी कही, जो दायित्व के साथ जवाबदेही पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने दूरदर्शन को संस्कृति को संजोए रखने का एक माध्यम बताया I

फोटो: साँस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति

बारामासा डिजिटल मीडिया के संस्थापक राहुल कोठियाल ने मीडिया लिट्रेसी पर बात करते हुए कहा कि मीडिया के छात्रों को एक आम आदमी से अलग नज़रिया रखना ज़रूरी है। उनको ये समझना बहुत ज़रूरी है कि डिजिटल मीडिया के आने से चुनौतियां बढ़ी है। उन्होंने छात्रों को मीडिया को विवेचनात्मक तरीके से समझना समय की ज़रूरत बताई I

ऑनलाइन कंटेंट क्रियेटर अविजित जमलोकी ‘केदारवासी’ ने स्टोरी टैलिंग के क्षेत्र में करियर के अवसरों पर बात की। उन्होंने छात्रों को अपने अंदर की प्रतिभाओं को पहले पहचानने और उस के लिए मेहनत करने की बात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रियेशन के लिए मूलभूत जरूरतों को समझने की जरूरत है। साथ ही सोशल मीडिया के दुरूपयोग और दुष्प्रभाव से बचने की सलाह दी।

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार, डॉ हर्ष डोभाल, डॉ राशि मिश्रा, डॉ करूणा शर्मा, जूही प्रसाद, आबशार अब्बासी, डॉ. वंदना, पियषी हिमानी आदि उपस्थित रहें।

Media Fest : दूसरा दिन (समापन)

दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशन द्वारा आयोजित मीडिया फेस्ट दूसरे दिन मंगलवार को संपन्न हुआ। फेस्ट के दूसरे दिन कार्यक्रम में छात्रों ने मीडिया पाठ्यक्रम से संबंधित क्विज़ तथा ‘न्यूज़ रूम पत्रकारिता की आड़ में अस्तित्व खोती खोजी पत्रकारिता’ अथवा ‘उत्तराखंड के जन आंदोलनों में पत्रकारिता की भूमिका’ थीम पर लेखन प्रतियोगिता आयोजित किये साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये।

कार्यक्रम की शुरुआत ‘कल और आज’ नामक स्किट से हुई। स्किट के माध्यम से मीडिया के बदलते स्वरूप, नयी पीढ़ी पर सोशल मीडिया के प्रभाव, और आज के बदलते समाजिक एंव पारिवारिक परिवेश पर प्रश्नचिन्ह लगाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में हिंदी सिनेमा द्वारा भारतीय दर्शकों से दशकों तक जुड़े रहने और मनोरंजन करते आने को संगीत और रंगारंग कार्यक्रमों द्वारा प्रस्तुत किया गया। विभाग के छात्र- छात्राओं द्वारा नब्बे के दशक से लेकर वर्तमान में बाॅलीवुड के गानों पर नाट्य प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला में उत्तराखण्ड एंव देश के अन्य राज्यों के लोक नृत्य भी प्रस्तुत किये गए।

कार्यक्रम के समापन पर विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इस फेस्ट का उद्देश्य छात्रों को मीडिया जगत के सही स्वरूप से रूबरू कराना है, ताकि वह समाज के सजग प्रहरी बन देश निर्माण में अपना सहयोग दे सकें। इस दौरान विभाग के शिक्षकगण प्रो. हर्ष डोभाल, डॉ. राशि मिश्रा, डॉ. करूणा शर्मा, आबशार अब्बासी, जूही प्रसाद, डॉ. वंदना नौटियाल, पियषी हिमानी आदि उपस्थित रहे।