Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

मुख्यमंत्री ने किया दो दिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ ,सीएम एवं शिक्षा मंत्री ने किया बालवाटिक एवं बालवाटिक अभ्यास पुस्तिका का विमोचन !

Uttarakhand


देहरादून, ( Big News Today)

उत्तराखंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा विभागीय अधिकारियों के लिये इंडियन पब्लिक स्कूल राजवाला देहरादून में दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया।

मुख्यमंत्री धामी एवं विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने एनईपी के अंतर्गत राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद देहरादून द्वारा तैयार बालवाटिका एवं बालवाटिका अभ्यास पुस्तिका का विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार एक सामूहिक जिम्मेदारी का कार्य है। जिस पर सभी की चिंतन-मनन करना होगा। उन्होंने कहा कि जब उत्तराखंड वर्ष 2025 में अपनी रजत जयंती मना रहा होगा तब प्रत्येक विभाग के पास अपनी-अपनी विशेष उपलब्धि होनी चाहिये।

विभागीय मंत्री डॉ0 रावत ने कहा कि राज्य में एक साल के भीतर विद्या समीक्षा केंद्र तैयार किये जायेंगे, जिसके लिये केंद्र सरकार ने रुपये 5 करोड़ स्वीकृत कर दिये हैं। चिंतन शिविर में विकासखंड से लेकर निदेशालय स्तर के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के लिये भी चिंतन शिविरों का आयोजन किया जाएगा ताकि उनके सुझावों भी शामिल कर भविष्य के लिए रोड़मैप तैयार किया जा सकें। उन्होंने कहा कि एनईपी का उद्देश्य ही शिक्षकों, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं को शिक्षा के प्रति सन्तुष्ट करना है। विभागीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का एक मात्र राज्य है जहाँ 15 बच्चों पर एक शिक्षक तैनात है। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा जनपद में 10 छात्रों पर एक शिक्षक, उत्तरकाशी में 9 जबकि सबसे न्यूनतम पौड़ी गढ़वाल में 8 छात्रों पर एक शिक्षक तैनात है। जो कि एनईपी में तय शिक्षक-छात्र संख्या से कहीं अधिक न्यून है।

डॉ रावत ने कहा कि राज्य में शीघ्र नई शिक्षा नीति लागू की जाएगी, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री के द्वारा किया जाएगा, जबकि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्षों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा शुरू किया जायेगा।
इसके अंतर्गत राज्य के 5 हजार प्राथमिक स्कूल एवं आंगनवाड़ी केंद्र शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के अंदर राज्य में विद्या समीक्षा केंद्र तैयार कर दिये जायेंगे, जिसके लिये केंद्र सरकार ने रुपय 5 करोड़ स्वीकृत कर दिये हैं, इसके साथ ही राज्यमें चिंतन शिविर में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन ने नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। इसके अलावा विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर अपना-अपना प्रस्तुतिकरण दिया।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक सहदेव पुंडीर, पूर्व राज्यसभा सांसद आर0के0 सिन्हा, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव दीप्ती सिंह, महानिदेशक बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आर0के0 कुँवर, निदेशक प्राथमिक शिक्षा बंदना गर्ब्याल, निदेशक संस्कृत शिक्षा एस0 पी0 खाली सहित जिले से लेकर ब्लॉक स्तर के शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।