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उत्तराखंड उपचुनाव: सीएम के लिए सीट छोड़ने पर गहतोड़ी को मिल सकता है इनाम, इन चार विधायकों को भी मिला था अहम ओहदा 

Uttarakhand


देहरादून Big News Today

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए विधायकी छोड़ने वाले कैलाश गहतोड़ी को कोई ओहदा मिल सकता है, ऐसी सियासी चर्चाएं हैं। 22 साल के उत्तराखंड में चार विधायकों ने सीएम के लिए विधानसभा सीट छोड़ी और सभी की राजनीतिक ताकत पहले से ज्यादा बढ़ी।

पांचवें विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल कर भाजपा सारे मिथकों को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सत्ता में आई ।

लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा सीट से चुनाव हार गए। चुनाव नतीजा आने के बाद चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी ने मुख्यमंत्री के लिए अपनी सीट छोड़ने का प्रस्ताव रखा और पार्टी आलाकमान की हरी झंडी के बाद 21 अप्रैल को गहतोड़ी ने बाकायदा विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा भी दे दिया।

अब मुख्यमंत्री धामी चंपावत सीट से उपचुनाव लड़ेंगे। सियासी जानकार मान रहे हैं कि विधायकी छोड़ने के बाद कैलाश गहतोड़ी का राजनीतिक ग्राफ ऊंचा होगा। इसका कारण यह है कि साल 2002 से अब तक मुख्यमंत्री के लिए जितने भी विधायकों ने इस्तीफा दिया है, उनमें से सभी को पार्टी और सरकार ने सम्मान दिया। इस्तीफा देने वाले तीन विधायकों को दर्जा मंत्री और एक विधायक को सांसद बनाया गया है।

मुख्यमंत्री के लिए सीट छोड़ने पर मिला ओहदा

साल सीट छोड़ने वाले विधायक मिली जिम्मेदारी
2002 योगंबर सिंह रावत अध्यक्ष, उत्तराखंड वन विकास निगम
2007 टीपीएस रावत बीसी खंडूड़ी की खाली हुई पौड़ी सीट से सांसद बने
2012 किरन मंडल अध्यक्ष, कुमाऊं मंडल विकास निगम
2014 हरीश धामी अध्यक्ष, उत्तराखंड वन विकास निगम