BIG NEWS TODAY देहरादून। देहरादून नगर निगम के वार्ड संख्या 56 (धर्मपुर–नेहरू कॉलोनी) से कांग्रेस पार्षद अमित भंडारी उर्फ़ दीपू भाई की तबियत में अब काफी सुधार है, और वे अस्पताल से घर पहुंच चुके हैं। क्षेत्र के लोग तो उनके हालचाल जानने पहुंच रहे हैं लेकिन उनकी पार्टी कांग्रेस के नेताओं को अपने पार्षद के हालचाल जानने की फुर्सत नहीं है।
27 जनवरी 2026 को अमित भंडारी को अचानक हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उन्हें देहरादून के ईसी रोड स्थित सिटी हार्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन उनकी सर्जरी हुई और डॉक्टरों द्वारा स्टेंट डाले गए। सफल उपचार के बाद अब वे अस्पताल से घर लौट चुके हैं और चिकित्सकों ने उन्हें कुछ दिनों तक पूर्ण आराम की सलाह दी है।
अस्पताल में उनकी कुशलक्षेम जानने के लिए पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, राजेन्द्र शाह और कांग्रेस नेता महेंद्र नेगी गुरुजी पहुंचे। इसके अलावा कांग्रेस के कुछ स्थानीय कार्यकर्ता भी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे।
हालांकि, इस दौरान कांग्रेस का कोई अन्य वरिष्ठ नेता या बड़ा पदाधिकारी न तो अस्पताल पहुंचे और न ही खबर लिखे जाने तक नेहरू कॉलोनी के ए-ब्लॉक स्थित अमित भंडारी के आवास पर ही कोई हालचाल जानने आया। जबकि हरीश रावत भी, प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल, हरक सिंह रावत, सूर्यकांत धस्माना सहित तमाम पार्टी के बड़े नेता और पदाधिकारी देहरादून में ही रहते हैं।
कांग्रेस नेताओं की इस बेरुखी से अमित भंडारी के मन में हताशा और पीड़ा का भाव है। बेहद ईमानदार छवि वाले और जमीन से जुड़े पार्षद अमित भंडारी उर्फ दीपू भाई के लिए यह स्थिति और भी दुखद है। जब पार्टी के लिए लगातार दो चुनाव जीतने वाला एक जनप्रतिनिधि कठिन स्वास्थ्य स्थिति से गुजर रहा हो, तो उससे किसी राजनीतिक या आर्थिक सहायता की उम्मीद करना तो दूर, कम से कम उत्साहवर्धन और मानवीय संवेदना की अपेक्षा भी पूरी न होना निराशाजनक है।
क्योंकि ना सिर्फ उन्होंने पार्टी के लिए कठिन परिस्थितियों में भी चुनाव जीते हैं, बल्कि वार्ड की जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहकर जमीनी पकड़ को मजबूत किया है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व की चुप्पी और दूरी अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
अमित भंडारी ने फरवरी 2025 में हुए नगर निगम चुनावों में दूसरी बार कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज कर वार्ड-56 (धर्मुपर-नेहरू कॉलोनी) के पार्षद बने। इससे पहले वर्ष 2018 में भी उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर नगर निगम बोर्ड में अपनी जगह बनाई थी। भाजपा की मजबूत लहर के बावजूद अपनी व्यवहार कुशलता, सरल स्वभाव और जनता के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने के कारण अमित भंडारी ने यह जीत हासिल की थी।


