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10 गुना सम्पत्ति के आरोपों पर दून मेयर की सफाई: “पान बेचा, चाऊमीन बेची, वीडिओ ग्राफी का काम किया, ठेकेदारी की फिर संपत्ति से संपत्ति बनाई, मेरे ख़िलाफ़ षड्यंत्र करने वालों पर एक्शन लूंगा”…

Dehradun Delhi Uttarakhand


देहरादून (Big News Today) मेयर बनने के बाद संम्पति के दस गुना बढ़ने के आरोपों पर मेयर सुनील उनियाल गामा ने चुप्पी तोड़ते हुए सफाई दी है। मेयर ने कहा है कि उन्होंने 18 साल की आयु से मेहनत की है और हर संपत्ति की घोषणा की। गामा ने कहा कि उन्होंने कोई बेनामी संपत्ति नहीं अर्जित की है। नगर निगम कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए गामा ने ये बात कही। इस दौरान बीजेपी विधायक खजान दास और महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल भी मेयर के साथ मौजूद रहे।

गौरतलब है कि एक अधिवक्ता विकेस नेगी द्वारा आरटीआई के तहत ली जानकारी के आधार पर दावा किया था कि मेयर की संपत्ति 10गुना बढ़ गई है। इसपर कांग्रेस ने मेयर सुनील उनियाल गामा पर आरोप लगाए थे। कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने मेयर की संपत्ति 2018 के चुनावी घोषणा पत्र से अबतक तेज़ी से बढ़ने पर जांच की मांग की थी।

 देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा ने उनपर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी अपनी बात कही।  सुनील उनियाल ने कहा कि चुनावी घोषणा पत्र में जितनी भी संपत्तियां मैंने दिखाई उसके साथ आज तक की संपत्तियां जोड़ दी गई हैं। कहा कि उनकी पत्नी नौकरी करती है, बेटी लंदन में रहती है और वहां नौकरी करती है, बेटा एम-टेक है वो भी अपना काम करता है। गामा ने कहा कि जिन्होंने उनके खिलफ षड्यंत्र रचा है उनके खिलाफ़ भी कार्रवाई करेंगे। कहा कि उन्होंने पुरानी संपत्तियां बेचकर नई संपत्तियां खरीदी और 1 करोड़ 25 लाख का लोन भी लिया है।

मेयर सुनील उनियाल गामा के अनुसार ऐसे जुड़ी उनकी कथित 20 करोड़ की संपत्ति : मेयर ने कहा कि मैंने 18 साल की उम्र से काम शुरू किया , पान का खोखा चलाया, चाऊमीन बेची, वीडियो ग्राफी का काम किया, वीडियो लाइब्रेरी चलाई  और ठेकेदारी भी की है। इसके बाद 2012 तक कुछ संपत्तियां खरीदीं थीं।

गामा ने कहा कि वे B श्रेणी के ठेकेदार थे और ठेकेदारी अच्छी चलती थी। लेकिन देहरादून नगर निगम का बनने के बाद निकाय में ठेकेदारी छोड़ दी और अपने तमाम लाइसेंस भी निरस्त करवा दिए।

उनके अनुसार 2012 के बाद उन्होंने कुछ संपत्तियाँ खरीदी जोकि 2017-18 में अपने चुनावी घोषणा पत्र में ढाई करोड़ तक की संपत्तियां चुनावी घोषणा पत्र में दिखाई थी। गामा ने कहा कि उनमे से मैंने अपनी कई संपत्तियां बेची और संपत्तियों की दरें बढ़ी जिसका केवल मुझे ही नहीं सबको फायदा हुआ।

श्री गुरुराम राय दरबार साहिब से ली भूमि पर भी सफाई दी: श्रीगुरुराम दरबार साहिब से जमीन लीज पर लेने के मामले में मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2012 में श्रीमहंत जी को आवेदन किया कि मुझे भी एक छोटा सा टुकड़ा दुकान बनाने के लिए दे दें, उसी पर किराये पर प्लॉट मिला। जबकि श्री गुरुराम राय से जुड़ी सम्पत्तियों का वाद अभी भी चल रहा है और उन्हें लगातार नोटिस दिया जा रहा है।