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क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन,क्षय रोग के उपचार निदान एवं दवाइयों प्रतिकूल प्रभाव पर हुआ प्रस्तुतिकरण

Uttarakhand


देहरादून- BNT

सम्भागीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण केन्द्र, देहरादून में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एन.टी.ई.पी.) के अन्तर्गत प्रदेश के सभी जिला क्षय अधिकारियों, जिला कार्यक्रम समन्वयक तथा टी.बी.- एच.आई.वी. सुपरवाइजर का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ।

उक्त प्रशिक्षण में विश्व स्वास्थ्य संगठन के सलाहकार डा. रविन्द्र द्वारा द्वारा प्रतिरोधक क्षय रोग के निदान, उपचार तथा उपचार अवधि में होने वाले दवा के प्रतिकुल प्रभाव के बारे में विस्तार पूर्वक प्रस्तुतिकरण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सभी संभावित क्षय रोग तथा दवा प्रतिरोधक क्षय रोग के रोगी को आरम्भिक स्तर पर नवीन तकनीक TrueNAAT / CBNAAT द्वारा UDST के माध्यम से जांच कर उचित उपचार शुरू करने पर विशेष बल दिया गया ताकि टी.बी. को फैलने से रोका जा सके।

प्रशिक्षण के अंतिम दिन में टी.बी. उन्मूलन हेतु सुप्तावस्था टी.बी. (Latent TB) को सक्रिय टी.बी. रोग (Active TB) में परिवर्तित होने से रोकने के लिए TPT (TB preventive treatment) का वृहद स्तर पर उपयोग किए जाने की आवश्कता के बारे मे बताया गया। इसके बारे में विशेषज्ञों बताया गया की विभिन्न तकनीकों द्वारा नैदानिक रूप से चिन्हित (Microbiologically confirmed) रोगियों के घरेलु सम्पर्क मे आने वाले व्यक्तियों की निःशुल्क जांच व उपचार द्वारा उनको भविष्य में उन्हें सक्रिय होने से रोका जा सकें।

प्रशिक्षण में विश्व स्वास्थ्य संगठन की डा. अपर्णा सैन, प्रशान्त चौधरी, माइक्रोबायोलोजिस्ट, डा. विकास पांडे ए.पी.ओ., सूरज रावत, पी.म.सी., अनुजा बिष्ट, माइक्रोबायोलोजिस्ट, डा. रचित नेगी सहित सभी जनपदों से जिला क्षय अधिकारियों, जिला कार्यक्रम समन्वयक तथा टी.बी. एच.आई.वी. सुपरवाइजर मौजूद थे।