गैरसैंण। बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान वन विभाग से जुड़े मुद्दों पर जमकर चर्चा हुई. मानव-वन्य जीव संघर्ष, मुआवजा, रोपवे परियोजना और वन कानूनों को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों के विधायकों ने वन मंत्री सुबोध से तीखे सवाल किए.
उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भराड़ीसैंण में प्रश्नकाल की शुरुआत होते ही वन विभाग से जुड़े मुद्दों पर सदन में गरमागरम बहस देखने को मिली. अधिकांश सवाल वन मंत्री सुबोध उनियाल से पूछे गए, जिनमें मानव-वन्य जीव संघर्ष, फॉरेस्ट क्लीयरेंस, जंगली जानवरों से फसल नुकसान और रोपवे परियोजनाओं जैसे विषय शामिल रहे. सबसे पहले डोईवाला के बीजेपी विधायक बृजभूषण गैरोला ने प्रदेश में बढ़ते मानव-वन्य जीव संघर्ष का मुद्दा उठाया और वन मंत्री सुबोध उनियाल से सवाल किया. उन्होंने पूछा कि वन्य जीवों के हमलों से अब तक कितने लोग प्रभावित हुए हैं और सरकार सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है?
साथ ही प्रभावित लोगों को मिलने वाले मुआवजे और उसमें होने वाली देरी पर भी सवाल किया गया. जवाब में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने सदन को बताया कि वर्ष 2000 से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश में मानव-वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं में 1296 लोगों की मौत हुई है, जबकि 6624 लोग घायल हुए हैं.
मंत्री ने बताया कि सरकार ने ऐसे मामलों में मुआवजे की राशि बढ़ाई है और मृतकों के परिजनों को अब 10 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है. हालांकि मुआवजा वितरण में देरी को लेकर कांग्रेस के विधायकों ने सरकार को घेरा


