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भारतीय जनता पार्टी इस देश की मातृशक्ति को सामर्थ्यवान और सबल बनाना चाहती है: जेपी नड्डा

Uttarakhand


Big News Today

भारतीय जनता पार्टी इस देश की मातृशक्ति को सामर्थ्यवान और सबल बनाना चाहती है। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति जो उत्तराखंड में संपन्न हुई के समापन अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा जी ने विशेष व्यवस्था के लिए स्थानीय टीमों का आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा कार्यसमिति को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि हमारा कार्यकर्ता इतना सामर्थ्यवान है कि उसे जो जिम्मेदारी सौंपी जाती है उसको कर्मठता से निभाता है। उन्होने कहा कि मातृशक्ति ने जितनी सेवा राष्ट्र की करी है उतनी अन्य लोगों द्वारा नहीं की गई होगी। कोरोना काल में मास्क बनाने का काम तथा भोजन व अन्य उपयोगी वस्तुओं की व्यवस्था मातृशक्ति ने की। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारी मातृशक्ति का सम्मान सदैव आवश्यक है। हमारी संस्कृति में भी निरंतर चर्चा हुई है इसका वर्णन वेदों, उपनिषदों तथा अन्य धर्म ग्रंथों में भी मिलता है।

हमारा इतिहास पुराण तथा अन्य प्रभावशाली ग्रंथ मातृशक्ति की विशिष्टता की चर्चा करते रहे हैं। देवी शकुंतला ने जंगलों में रहकर अपने पुत्र भरत को इतना मेधावी बनाया कि उन्होंने जैसा शासन किया है वह इतिहास का विषय बना है। जंगल में रह कर अपने पुत्र को सामर्थ्यवान शिक्षित बनाना, योद्धा बनाना तथा हर क्षेत्र में विशिष्ट बनाना यह मात्र मातृशक्ति की ही कृपा के कारण हो सका। नड्डा ने कहा कि आज हम सह शिक्षा की बात कर रहे हैं लेकिन हमारे पुराणों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि मातृशक्ति तथा पुरुष साथ-साथ शिक्षा प्राप्त करते थे। गुरुकुल में मातृशक्ति विशेष स्थान दिया जाता था। एक नारे की चर्चा करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हम आज “लेडीज़ फस्ट” की बात करते हैं लेकिन हमारे यहां गौरीशंकर, सीताराम, राधाकृष्ण जैसे शब्द वर्षों से प्रचलित है यह इस बात का प्रतीक है कि हमारे देश में मातृशक्ति विशेष सम्मानित रही हैं

देश की स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई ने युद्ध प्रारंभ किया था उसके बाद हजारों हजार मातृशक्ति ने इस संग्राम में भाग लिया। भारतीय इतिहास की इन महिलाओं के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। स्वतंत्र भारत में पहली बार हमारे प्रधानमंत्री ने उद्योग, चिकित्सा, शिक्षा, विज्ञान विदेश जैसे विभिन्न विभागों को मातृशक्ति को सौंपा था यह इस बात का प्रतीक है कि हमारे देश में मातृशक्ति पूरी तरह सामर्थ्यवान तथा कार्य कुशल है। खेलों में हमारी बेटियों ने जो श्रेष्ठता हासिल की है वह अपने आप में विलक्षण है पी वी सिंधु , साइना नेहवाल जैसे दर्जनों नाम खेल में अपनी विशिष्टता के कारण जाने जाते हैं। डॉक्टर आनंदी भोपाल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की हजारों महिलाओं ने अपनी श्रेष्ठता विभिन्न क्षेत्रों में साबित की हैं। हम सब लोग मातृशक्ति का मन से नमन करते हैं और हमारी प्राथमिकता है कि मातृशक्ति सदैव आगे रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं को विशेष सेवाभावी होने के लिए बधाई दी