सीएम पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में दुष्प्रचार कर रहे विपक्ष के हौसले हुए पस्त
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देहरादून। विपक्ष के आरोपों का बीजेपी ने भी जवाब दिया है। भाजपा धर्मपुर विधायक प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने कांग्रेस के आरोपों को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि गैरसैंण विधानसभा सत्र में विपक्षी कांग्रेस ने सरकार की घेराबंदी नहीं की, बल्कि कांग्रेस खुद ही बेनकाब हो गयी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अब जनता के सवालों का भी सामना करना पड़ेगा।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए विनोद चमोली ने कहा कि गैरसैंण मे जनता के सवालों को लेकर मंथन और विपक्ष के सकारात्मक रुख की जो उम्मीद थी उसमें विपक्ष बेहद असंवेदंशील और जनता के प्रति गैर जिम्मेदार रवैये को नहीं छोड़ पाया। कांग्रेस सड़क और सदन में एक समान व्यवहार करती दिखी और कई बार सदन की गंभीरता को भी तार तार कर गयी। राज्यपाल के अभिभाषण मे भी कांग्रेस ने विकास पर चर्चा के बजाय विरोध को तरजीह दी।
उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस सदन की अवधि को लेकर तमाम तरह की आशंकाए और आरोप लगाती रही, लेकिन उसकी सभी आशंकाएं न केवल निर्मूल साबित हुई, बल्कि वह बेनकाब हुई और सदन की कार्यवाही ऐतिहासिक रही। कांग्रेस के पास सवालों का टोटा हो गया और सरकार सदन को और भी चलाने की पक्षधर थी, लेकिन सदन बिजनेस के आधार पर ही चलता है।
धामी के नेतृत्व में प्रदेश का चतुर्दिक विकास
विनोद चमोली ने कहा की सीएम धामी के नेतृत्व में प्रदेश का चतुर्दिक विकास हो रहा है।सब नियमों के अनुरूप हो रहा।कांग्रेस के जमाने के नीतिगत अपंगता अब खत्म हो चुकी है।सरकार नई नीतियाँ बना रही है और उसका सीधा असर आम जन को मिल रहा है।वो चाहें प्रतियोगी परीक्षाएं हो या पर्यटन सहित चालीस से ज़्यादा नई नीतियां और कानून बनाए गए हैं।भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लगातार कठोर कार्यवाही की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य के बजट का आकार भी बढ़ा है और निश्चित रूप से राज्य में तमाम विकास योजनाएं आगे बढ़ेगी। बजट में सभी वर्गों की जरूरतों का ख्याल रखा गया है।
कठोर नकल विरोधी कानून से स्थिति पटरी पर लौटी
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर राग अलापने वाली कांग्रेस के दुष्प्रचार की हवा कई बार निकल चुकी है। अब राज्य मे होनहार अधिकारी बन रहे है तो सरकारी सेवाओं मे आ रहे हैं और यह सब नकल विहीन परीक्षा की बदौलत हुआ है, क्योकि सीएम पुष्कर सिंह धामी के कठोर नकल विरोधी कानून से स्थिति पटरी पर लौटी है। ऐसे तमाम क्षेत्र खनन और शराब जैसे व्यवसाय अब माफियाओं के चंगुल से छूट कर राज्य की आर्थिकी के स्रोत बने हैं। कांग्रेस को अभी जनता के सवालों का जवाब देना है और यह उसके लिए कठोर घड़ी होगी।


