Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

उत्तराखण्ड राज्य प्राप्ति के आन्दोलन में ऐतिहासिक भूमिका निभाने वाले समूचे अधिकारी कार्मिक शिक्षक महासंघ ने रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी देखिए

Uttarakhand


Big News Today Team

देहरादून – उत्तराखण्ड राज्य प्राप्ति के आन्दोलन में ऐतिहासिक भूमिका निभाने वाले समूचे कार्मिक समुदाय की ओर से उत्तराखंड अधिकारी कार्मिक शिक्षक महासंघ ने रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी । शहीद स्थल से यहां लौटने पर कार्मिक एकता मंच के संस्थापक व महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पाण्डे ने शहीद स्थल के मुख्य द्वार की तस्वीर प्रैस को साझा करते हुए कहा कि द्वार एवं टीन के बोर्ड में लिखे गये शहीद स्थल के नाम में लगी काई और जंग देखकर हर कोई आहत हुआ । मुख्य द्वार पर आकर्षक ढंग से नियोन साइनेज बोर्ड में शहीद स्थल का नाम लिखे जाने के साथ ही उन्होंने वहां प्याऊ लगाये जाने का भी सुझाव दिया ।
2 अक्टूबर 1994 को मुजफ्फरनगर काण्ड में मौत से रूबरू हो चुके एकता मंच के संस्थापक रमेश चंद्र पाण्डे ने 2अक्टूबर 2015 को “आवाज दो हम एक हैं के नारे को ही शहीदों का मूल सपना बताया था । उनके अनुसार आवाज दो हम एक हैं के जिस नारे की ताकत के बल पर उत्तराखंड राज्य हासिल हुआ लेकिन राज्य बनने के बाद यही नारा धरातल से विलुप्त हो गया ।



पिछले पांच साल से विकास में बाधक हड़तालों के प्रति जवाबदेही के लिए छेड़ी गई एकता की मुहिम के तहत गत वर्ष गंगोत्री के जल कलश के साथ न्याय के प्रतीक गोल ज्यू के मन्दिर से रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्थल तक एकता यात्रा भी निकाली गई थी ।
पाण्डे ने कहा कि शहीदों की बरसी के नाम पर लाखों खर्च होता है लेकिन इस अवसर पर मुख्य द्वार में रंग रोगन नहीं होने और बोर्ड की खस्ता हालत देखकर सभी को ठेस पहुंची ।
उन्होंने कहा कि उस बर्बरतापूर्ण काण्ड के बाद आस पास के लोगों ने भोजन पानी के साथ जो मदद की उसे देखते हुए वहां पर आने जाने वालों के लिए एक प्याऊ लगाया जाना जरूरी है । उन्होंने कहा कि इस बारे में संस्कृति विभाग से बात की जायेगी और अगर सरकार को इस कार्य को करने में वित्तीय या कोई और दिक्कत हो तो कार्मिकों द्वारा इस कार्य में सहयोग दिया जायेगा ।


महासंघ के महासचिव दिगम्बर फुलोरिया ने कहा कि एकता की मुहिम जारी है और देर सबेर समूचे कार्मिक समुदाय को अपने वजूद के लिए एक मंच पर आना ही होगा ।

शहीद स्थल के मुख्य द्वार पर काई और बोर्ड में लगी जंग देखकर आहत हुए आन्दोलनकारी ।