Consulting Editor : Mo Faheem ‘Tanha’
देहरादून(Big news today)। भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के दूसरे दिन बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। विधानसभा परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
वहीं, रेखा आर्य ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के वर्ष 2012 से 2017 के शासनकाल का जिक्र किया। दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने की बात कही, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव लाने की मंशा पर सवाल उठाए।
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही नेताओं के इन बयानों ने दिन की राजनीतिक तस्वीर साफ कर दी कि विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने वाला है। कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि रेखा आर्या के पति ने खुद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत भी की थी। प्रीतम सिंह के मुताबिक, इस मामले में शिकायत किए जाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने करीब 210 करोड़ रुपये की संपत्ति और बरेली में कथित तौर पर बन रहे राजमहल का जिक्र किया। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रीतम सिंह ने सवाल उठाया कि जब इस तरह के आरोप सामने आए हैं, तो सरकार को इनकी जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने इस पूरे मामले को भ्रष्टाचार से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए। प्रीतम सिंह के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के दौरान हुए घटनाक्रम को भी याद किया जाना चाहिए। रेखा आर्या ने उस समय सामने आए स्टिंग ऑपरेशन और कथित सौदेबाजी का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि उस दौर में सरकार के खिलाफ कई विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी। मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस दल का अपना शासनकाल भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा रहा हो, उसे दूसरों पर इस तरह के आरोप लगाने से पहले अपने अतीत को भी देखना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर बिना तथ्यों के जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि विपक्ष नियम 310 के तहत काम रोको प्रस्ताव ला रहा है। इसके साथ ही नियम 58 के तहत भी सूचनाएं दी गई हैं। यशपाल आर्य ने कहा विपक्ष चाहता है कि सदन सुव्यवस्थित तरीके से चले और महत्वपूर्ण सवालों पर चर्चा हो।
उन्होंने कहा कि सत्र का यह अंतिम दिन है, इसलिए जनहित से जुड़े जरूरी मुद्दों को उठाने और उन पर चर्चा करने का अवसर मिलना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि विधानसभा के नियमों के तहत विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका दिया जाए, ताकि जरूरी विषयों पर सदन में चर्चा हो सके। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर हमला बोला। काम रोको प्रस्ताव को लेकर उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दे नहीं हैं। उसका काम केवल विकास कार्यों को रोकना है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी पार्टी सत्ता से बाहर होती है, तो वह देश और जनता दोनों के लिए खतरनाक हो जाती है। उन्होंने विपक्ष पर देश और प्रदेश में अराजकता का माहौल बनाने का आरोप लगाया।




