Consulting Editor : Mo Faheem ‘Tanha’
चमोली(Big news today)। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद चमोली में ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) का कार्य 23 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होगा। इस संबंध में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गौरव कुमार की अध्यक्षता में आज मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में एफएलसी की प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस में एफएलसी का कार्य प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक किया जाएगा। सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी चेकिंग जारी रहेगी।
पूरी प्रक्रिया राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न की जाएगी। यदि किसी राजनीतिक दल का प्रतिनिधि लगातार तीन दिन अनुपस्थित रहता है, तो संबंधित दल को पत्र के माध्यम से सूचित किया जाएगा। एफएलसी में शामिल होने के लिए राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को अपने नवीनतम दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो, पार्टी अध्यक्ष/महासचिव का अधिकृत पत्र, आधार कार्ड अथवा वोटर कार्ड की प्रति तथा मोबाइल नंबर 22 अक्टूबर तक जिला निर्वाचन कार्यालय, चमोली में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके आधार पर प्रतिनिधियों के परिचय पत्र जारी किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एफएलसी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न की जाए। इस दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाए। ईवीएम वेयरहाउस के एफएलसी हॉल में मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। अधिकारियों, कर्मचारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अपने मोबाइल फोन निर्धारित काउंटर पर जमा करने होंगे। हॉल में एक समय में अधिकतम तीन मोबाइल फोन की अनुमति होगी, जिनमें दो मशीनों की स्कैनिंग तथा एक ईसीआई के इंजीनियरों के उपयोग के लिए निर्धारित रहेगा। वर्तमान में जनपद चमोली में 1,130 बैलेट यूनिट (बीयू), 1,400 कंट्रोल यूनिट (सीयू) तथा 1,294 वीवीपैट मशीनें उपलब्ध हैं।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर निर्वाचक नामावली का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। इसके अंतर्गत पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, प्रविष्टियों में संशोधन कराने तथा अन्य आवश्यक दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए नागरिक अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। नाम दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान केंद्रों के युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थापन का कार्य 2 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। एकीकृत प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 12 नवंबर को होगा तथा दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा।
इसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी।जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन संबंधी सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न किए जाएं। उन्होंने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की। बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी राज कुमार पांडे, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी डी.सी. सती तथा कांग्रेस से मदन लोहनी, भाजपा से विनोद कनवासी, सीपीएम से ज्ञानेंद्र सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




