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एसआईआर और आंदोलनकारी चिन्हीकरण के मुद्दे पर ज्ञापन, जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन

Dehradun


Consulting Editor : Mo Faheem ‘Tanha
देहरादून 13 अक्टूबर(Big news today)। आज उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद के बैनर तले जिलाधिकारी कार्यालय पर एक प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य दो महत्वपूर्ण मुद्दों विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत हटाए गए मतदाताओं के नाम पुनः जोड़ने और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के चिन्हीकरण से वंचित आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण—को लेकर ज्ञापन सौंपना था।

प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को संबोधित दो अलग-अलग ज्ञापन प्रेषित किए। ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट देहरादून को सौंपे गए, जिन्होंने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। राष्ट्रपति को संबोधित पहले ज्ञापन में एसआईआर प्रक्रिया के तहत देहरादून और उत्तराखंड में हटाए गए वैध मतदाताओं के नाम तत्काल पुनः जोड़ने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि बिना उचित सत्यापन और दावा-आपत्ति का पूरा अवसर दिए मतदाताओं के नाम हटाए जाने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
इसके साथ ही, ज्ञापन में एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और लापरवाही के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग भी शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समावेशी बनाने पर जोर दिया। दूसरा ज्ञापन वंचित आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग

मुख्यमंत्री को संबोधित दूसरे ज्ञापन में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के उन आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग उठाई गई, जो अब तक इस प्रक्रिया से वंचित हैं। ज्ञापन के अनुसार, कई आंदोलनकारियों को न तो चिन्हीकरण प्रमाण पत्र मिल सका है और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ।

आंदोलनकारियों ने बताया कि पूर्व में 02 अक्टूबर को शहीद स्थल देहरादून पर मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर उन्होंने वंचित आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु पुनः तिथि घोषित करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, अब तक कोई तिथि घोषित नहीं की गई है, जिससे वृद्ध आंदोलनकारियों में गहरी निराशा है। ज्ञापन में मांग की गई की वंचित आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु पुनः तिथि घोषित की जाए। जिला स्तर पर चिन्हीकरण शिविर/समिति के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाएं। पूर्व में आवेदन कर चुके लेकिन छूट गए आंदोलनकारियों को पुनः सुनवाई का अवसर दिया जाए। चिन्हीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समावेशी बनाया जाए तथा आवश्यक दस्तावेजों की सूची सार्वजनिक की जाए। पात्र आंदोलनकारियों को शीघ्र प्रमाण पत्र और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
इस अवसर पर संरक्षक बालेश बबानिया, अध्यक्ष सुरेशकुमार, सीपीएम सचिव अनन्त आकाश, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष लेखराज, महिला अध्यक्ष प्रमिला रावत, सचिव प्रभात डण्डरियाल, सुभागा फर्स्वाण, अमित परमार, पुष्पलता वैश्य, गीता नेगी, राजदुलारी लोधी, भगत सिंह, रेखा शर्मा, प्रभा बहुगुणा, अभिषेक भण्डारी

कल्पश्वेरी नेगी, गीता, भगतसिंह, रमेंशचन्द, नितिन बौठियाल, पुष्पा देवी, कल्पेश्वरी आदि बडी संख्या आन्दोलनकारी शामिल थे

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