देहरादून, (Big News Today): उत्तराखंड जल संस्थान में ज्योलीकोट प्रकरण में इंजीनियरों के निलंबन के विरोध में डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने निलंबन वापस नहीं लेने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस मामले को लेकर संघ भवन नेहरू कॉलोनी देहरादून में संघ की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में अभियंताओं ने निलंबन की कार्रवाई पर गहरा असंतोष जताया।
संसाधनों की कमी और अतिरिक्त ड्यूटी का मुद्दा उठाया
संघ ने कहा कि विभाग में पहले से ही स्टाफ और संसाधनों की भारी कमी है। इसके बावजूद इंजीनियरों से जलापूर्ति और सीवर योजनाओं के संचालन के साथ-साथ SIR, जनगणना, चुनाव और परीक्षाओं जैसी अतिरिक्त ड्यूटियां ली जा रही हैं। विषम भौगोलिक परिस्थितियों में इतने कम संसाधनों में योजनाओं का रखरखाव करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार शासन और विभाग को अवगत कराया गया है, लेकिन समाधान नहीं निकला।
मुख्य महाप्रबंधक से वार्ता, फिर भी नाराजगी
बैठक के बाद संघ प्रतिनिधियों ने जल संस्थान के मुख्य महाप्रबंधक से वार्ता की और ज्योलीकोट प्रकरण में निलंबन पर पुनर्विचार की मांग की। संघ ने मांग की कि इंजीनियरों को काम के लिए पूरे संसाधन उपलब्ध कराए जाएं और निलंबित इंजीनियरों का निलंबन तत्काल वापस लिया जाए।
प्रदेशभर में हड़ताल की चेतावनी
संघ ने साफ कहा कि अगर जल्द मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो पूरे प्रदेश में धरना और हड़ताल की जाएगी।
बैठक में अध्यक्ष पंकज उपाध्याय, महासचिव यशवंत सिंह रावत समेत जुनैद गौड़, आरकेएम सेठानी, कुणाल कान्त, देवराज तोमर, रवीन्द्र डोभाल, भगवत सिंह रावत, संजय सैंवाल और मनोज समेत कई इंजीनियर मौजूद रहे।



