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राज्यपाल ने किया ‘मुक्त ज्ञान कोष’ का लोकार्पण

Dehradun


दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण ज्ञान पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
Consulting Editor : Mo Faheem ‘Tanha’
देहरादून 25 अगस्त(Big news today)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मंगलवार को लोक भवन में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा विकसित “मुक्त ज्ञान कोष” का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी एवं पूरी टीम को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि “मुक्त ज्ञान कोष” केवल एक डिजिटल मंच नहीं, बल्कि ज्ञान को समाज की शक्ति और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

“मुक्त ज्ञान कोष” उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी की ओर से तैयार किया गया एक डिजिटल शैक्षणिक मंच है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों को पढ़ाई और शोध से जुड़ी उपयोगी सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। इसमें विश्वविद्यालय की ई-पुस्तकों और अन्य अध्ययन सामग्री के साथ देश-विदेश के भरोसेमंद शैक्षणिक स्रोतों से जुड़ी सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें अध्ययन सामग्री के साथ शिक्षकों का शोध कार्य, शोध-पत्र, शोध से जुड़ा डेटा, शोध प्रबंध और विश्वविद्यालय से संबंधित ज्ञान सामग्री शामिल है। इसके अलावा देश-विदेश के अन्य मुक्त शैक्षणिक संसाधनों को खोजने की सुविधा भी दी गई है। इस प्रकार यह विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अध्ययन, शोध और नई जानकारी हासिल करने का व्यापक डिजिटल मंच है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए “मुक्त ज्ञान कोष” की उपयोगिता और बढ़ जाती है। राज्य के अनेक विद्यार्थी पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहते हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री को डिजिटल माध्यम से गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, “पहाड़ में दूरी हो सकती है, लेकिन ज्ञान की पहुंच में दूरी नहीं होनी चाहिए।” राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान की पहुंच बढ़ने से अवसरों का विस्तार होगा, अवसर मिलने से प्रतिभा को आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा और प्रतिभा का विकास उत्तराखण्ड की विकास यात्रा को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण ज्ञानवान, कुशल, चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिकों से होगा। शिक्षा में किया गया प्रत्येक निवेश राष्ट्र के भविष्य में निवेश है और ज्ञान युवाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ देश की विकास यात्रा को गति देता है।

इस अवसर पर अपर सचिव  राज्यपाल  रीना जोशी, कुलपति उत्तराखण्ड मुक्त विश्ववि‌द्यालय प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी, कुलसचिव खेमराज भट्ट, निदेशक स्कूल ऑफ कम्प्यूटर साइंस एवं आईटी उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय प्रो. जीतेंद्र पाण्डे, निदेशक स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय प्रो. आशुतोष कुमार भट्ट तथा निदेशक स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय प्रो. राकेश रयाल आदि उपस्थित रहे।

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