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साम्प्रदायिक तत्वों पर अंकुश लगाने की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

Dehradun Uttarakhand






देहरादून। उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद एवं विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, हथियारबंद तीर्थयात्रियों एवं साम्प्रदायिक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। संयुक्त परिषद के नवनीत गुंसाई ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में हथियारों से लैस तीर्थयात्रियों द्वारा स्थानीय लोगों को धमकाने और आतंकित करने की घटनाओं से आम जनमानस में भय एवं असुरक्षा का वातावरण पैदा हो गया है।

साथ ही, कुछ असामाजिक एवं साम्प्रदायिक तत्व अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों तथा उनके रोजगार समाप्त करने के प्रयासों में लिप्त हैं, हाल ही में झण्डा मौहल्ला में ऐसी घटना हो चुकी हैं जहाँ पर अभी भी इस समुदाय के लोगों की दुकानें बन्द हैं तथा आरोपी लगातार उनको दुकान छोडने के लिए विवश कर रहे हैं पुलिस निष्क्रिय बैठी है, जो उत्तराखंड की सामाजिक सद्भावना के लिए घातक हैं।


प्रतिनिधिमण्डल ने हथियारबंद तीर्थयात्रियों पर सख्त प्रतिबंध, असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश तथा कानून-व्यवस्था की समीक्षा हेतु उच्च स्तरीय समिति गठित करने की माँग रखी। ज्ञापन में सीपीआई एम के सचिव अनन्त आकाश, राष्ट्रीय उत्तराखण्ड पार्टी के महामंत्री बालेश बबानिया, उत्तराखंड क्रांति दल की नेत्री प्रमिला रावत, नेताजी संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रभात डंडरियाल, जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार, प्रवक्ता चिन्तन सकलानी, रेखा शर्मा, नवीन नौटियाल, अमरसिंह, पारूल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल थे।

जिलाधिकारी की ओर से  ज्ञापन अपर सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा स्वीकार कर मुख्यमंत्री तक पहुँचाने तथा आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

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