Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

‘ऋषि नारद पत्रकार सम्मान: 2026’ से 16 पत्रकार सम्मानित, ‘बुद्धिजीवी फाउंडेशन’ के कार्यक्रम में पत्रकारिता के स्वरूप पर चर्चा

Dehradun Uttarakhand






देहरादून। (Report: Shabnoor ‘Saba’): वर्तमान समय में पत्रकारों और पत्रकारिता के सामने कई प्रकार की चुनौतियां उभरकर आयी हैं I सोशल मीडिया के ज़माने में कौन पत्रकारिता कर रहा है और कौन ब्लोगिंग कर रहा है इसका फर्क़ समझना आम आदमी के लिए मुश्किल हो रहा है I इसी को ध्यान में रखते हुए पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप को लेकर उत्तराखंड की राजधानी में पत्रकारिता के पुरोधाओं और कलम के सिपाहियों का समागम हुआ। कार्यक्रम में संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार सलीम सैफी ने कहा कि वर्तमान सोशल मीडिया के ज़माने में पत्रकारिता की गरिमा को ठेस पहुंच रही है, क्योंकि पत्रकार और इन्फ्लूइंसर में अन्तर नहीं हो पा रहा है, इसलिए एक मीडिया कौन्सिल ऑफ इंडिया की जरूरत है जिसमें प्रोफेशनल पत्रकारों का रजिस्ट्रेशन हुआ करे I बुद्धिजीवी फाउंडेशन (भारत) की ओर से रविवार को नारद जयंती के पावन अवसर पर शहर के इंदर रोड स्थित सभागार में “पत्रकारिता का स्वरूप” विषय पर एक गरिमामय विमर्श और वरिष्ठ पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

समारोह की शुरुआत एक भावुक क्षण के साथ हुई जब संस्था के संस्थापक स्वर्गीय भव्य निधि शर्मा को उनकी 19वीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु वह पल रहा जब अलग-अलग दशकों से समाज को आईना दिखा रहे 16 वरिष्ठ पत्रकारों को “ऋषि नारद पत्रकार सम्मान 2026” से नवाजा गया।

सम्मानित होने वाले नामों में सबसे ऊपर स्वर्गीय राजेंद्र जोशी का नाम रहा, जिन्हें मरणोपरांत याद किया गया। इसके साथ ही 55 वर्षों से अधिक का लंबा अनुभव रखने वाले पत्रकार मार्तण्ड पंडित रामेश्वर दत्त शर्मा और 47 साल की पत्रकारिता सेवा देने वाले वरिष्ठ पत्रकार निशीथ जोशी को मंच पर सम्मानित किया गया।

ये पत्रकार हुए सम्मानित

फाउंडेशन ने उन चेहरों को मंच दिया जिन्होंने आपातकाल से लेकर डिजिटल क्रांति तक के दौर को कवर किया है। इनमें 46 साल का अनुभव रखने वाले वी.के.शर्मा, 40 वर्ष से सक्रिय मनमोहन लखेड़ा और 36 साल की सेवा देने वाले गिरिधर शर्मा शामिल रहे। सलीम सैफी (35 वर्ष) और 30-30 साल का अनुभव रखने वाले रमेश दत्त पालीवाल व जीत मणि पैन्यूली को भी उनकी निर्भीक रिपोर्टिंग के लिए सराहा गया।

20 से 25 साल के जुझारू करियर वाले पत्रकारों में गजेंद्र सिंह नेगी, जे. उस्मानी, ललित उनियाल, टीवी पत्रकार एम. फहीम ‘तन्हा’, अवधेश नौटियाल, शाह नज़र और राज पंडित को शॉल और प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस. फारूक ने सभी दिग्गजों का अभिनंदन किया।

मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राजेश टंडन ने दोटूक कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं बल्कि लोकतंत्र का वह स्तंभ है जिसके बिना समाज दिशाहीन हो सकता है। विशिष्ट अतिथि डॉ. आशुतोष सयाना, समरजीत सिंह, ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) के. जी. बहल, डॉ. माया राम उनियाल और प्रो. आई. पी. सक्सेना एवं प्रोफेसर डॉ. सुशील उपाध्याय ने भी पत्रकारों के संघर्षों को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे संस्था के महासचिव हर्ष निधि शर्मा ने स्पष्ट किया कि अनुभवी पत्रकारों की निष्पक्षता आज की नई पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शिका की तरह है।

समारोह में अग्रिमा शर्मा, निधि शर्मा, सागर पचौरी, आचार्य अनिल पांडेय और सुशील कान्ति जैसे प्रबुद्ध नागरिक भी मौजूद रहेI जिन्होंने पत्रकारिता के गिरते और संभलते स्वरूप पर मंथन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *