Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

चारधाम यात्रियों की संख्या को लेकर ‘नो-कैप नीति’ आस्था का सम्मान और आर्थिकी को बल देने वाला कदम: महेन्द्र भट्ट

Dehradun Delhi Mussoorie Uttarakhand


देहरादून, (M. Faheem ‘Tanha’): भाजपा ने चारधाम यात्री संख्या पर जनभावना अनुरूप सीमित संख्या हटाने ( नो-कैप नीति ) के लिए मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त किया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इसे श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करने वाला और राज्य की आर्थिकी को गति देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है। जो श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सफल, सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव देगा। लिहाजा अब किसी को भी संख्या को लेकर अफवाह और भ्रम में आने की जरूरत नहीं हैI

अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि देवभूमि की चार धाम यात्रा दुनिया भर के श्रृद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है। उस पर विगत वर्षों में भाजपा सरकार में जिस तरह सफल, सुगम और सुरक्षित यात्रा संचालित की गई, उससे यहां आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हुई है। जिसको देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व सरकार द्वारा ऐतिहातन, यात्री संख्या को लेकर कुछ नियम बनाए गए थे। अब यात्रा व्यवस्था एवं परिस्थितियों में आए सुधार और जनभावना को देखते हुए सरकार द्वारा महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव किए गए हैं। जिसमें सीमित यात्रियों की सभी संभावनाओं को समाप्त करते हुए, नो लिमिट या नो कैप की घोषणा की गयी है। जिसका प्रदेश की जनता और भाजपा तहे दिल से स्वागत करते हुए इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त करती है।

उन्होंने कहा कि सीएम की घोषणा अनुसार इस वर्ष यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या पर कोई भी दैनिक प्रतिबंध या सीमा नहीं होगी। अब श्रद्धालु बिना किसी प्रशासनिक रोक-टोक के बाबा केदार, बद्री विशाल, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर सकेंगे। असीमित दर्शन के इस अवसर से प्रतिदिन दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की जाएगी। भाजपा सरकार द्वारा यह निर्णय देशभर से आने वाले भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भी लिया गया हैI

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संख्या पर प्रतिबंध हटने के बावजूद, यात्रियों की सुरक्षा और सुगम दर्शन पूर्व की तरह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में रहेगा। इसी तरह भीड़ को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए आधुनिक डिजिटल मॉनिटरिंग और एडवांस स्लॉट सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त ग्रीन एंड क्लीन यात्रा संकल्प अनुसार यात्रा मार्गों पर स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि इस नई व्यवस्था से स्थानीय व्यवसायियों और तीर्थ पुरोहितों को बहुत लाभ होगा। उन्होंने कहा, चार धाम यात्रा प्रदेश की आर्थिक रीढ़ का काम करती है। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हजारों व्यापारी, कर्मचारी और स्वरोजगार करने वालों की आर्थिकी में यह निर्णय रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी करने वाला साबित होगा। इतना ही नहीं श्रद्धालुओं को भी कतारों और लंबी प्रतीक्षा से मुक्ति मिलेगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह निर्णय उत्तराखंड में धार्मिक संस्कृति और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। सुरक्षित, स्वच्छ और पूरी तरह निर्बाध यात्रा का हमारा लक्ष्य पहले से अधिक आसानी से प्राप्त होगा। हमे उम्मीद है कि इस वर्ष की चार धाम यात्रा से प्रत्येक श्रद्धालु एक सुखद अनुभव लेकर घर लौटे और स्थानीय लोगों को भी आर्थिक स्वलंभन में मील का पत्थर साबित होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *