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स्वास्थ्य सेवाओं को कॉंग्रेस ने बताया बदहाल, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल को सौंपा ज्ञापन

Dehradun Uttarakhand






देहरादून। (M. Faheem ‘Tanha’) : स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कांग्रेस ने बदहाली के आरोप लगाए हैं I  देहरादून महानगर कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बिगड़ती स्थिति को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने किया, जिन्होंने विभिन्न समस्याओं पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग उठाई।

लालचन्द शर्मा ने कहा कि देहरादून के बड़े सरकारी अस्पतालों से लेकर दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों के हेल्थ सेंटरों तक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हालत चिंताजनक बनी हुई है और आम जनता लंबे समय से इसका खामियाजा भुगत रही है।

बड़े अस्पतालों की हालत पर गंभीर सवाल

ज्ञापन में दून, कोरोनेशन और गांधी शताब्दी जैसे प्रमुख अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी को प्रमुख समस्या बताया गया। न्यूरोसर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, मनोरोग विशेषज्ञ और अन्य विशेषज्ञों के अभाव में मरीजों को या तो AIIMS Rishikesh भेजा जाता है या फिर निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ता है।

अस्पतालों में पंजीकरण काउंटरों की कमी के कारण सुबह से ही लंबी कतारें लगती हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं अल्ट्रासाउंड जांच के लिए 10 से 20 दिनों तक की लंबी वेटिंग भी चिंता का विषय बनी हुई है।

दवाओं और जांच में गड़बड़ी के आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता होने के बावजूद मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर किया जाता है। साथ ही बायोप्सी, एमआरआई और कैंसर जांच जैसी जरूरी सुविधाओं की कमी के चलते मरीजों को निजी लैब्स का सहारा लेना पड़ता है।

चारधाम यात्रा को लेकर स्वास्थ्य तैयारी पर सवाल

आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनजर कांग्रेस ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण देने की मांग की। साथ ही यात्रा मार्ग पर हर 20 किलोमीटर पर हेल्थ एटीएम और ऑक्सीजन बेड से लैस रिलीफ पोस्ट स्थापित करने का सुझाव दिया गया।

कर्मचारियों के शोषण और व्यवहार पर उठाए मुद्दे

ज्ञापन में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को 3-4 महीने तक वेतन न मिलने, वेतन विसंगतियों और कार्यस्थल पर सुरक्षा की कमी को लेकर भी नाराजगी जताई गई। साथ ही अस्पताल स्टाफ के संवेदनशील व्यवहार और सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

डेंगू और जनस्वास्थ्य पर अलर्ट

देहरादून में डेंगू की दस्तक को देखते हुए कांग्रेस ने स्वास्थ्य विभाग को तत्काल अलर्ट जारी करने, फॉगिंग और लार्वा नियंत्रण अभियान तेज करने तथा ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रेमनगर क्षेत्र की समस्याएं भी उठाईं

ज्ञापन में प्रेमनगर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष रूप से मुद्दे उठाए गए। बताया गया कि यहां के चिकित्सालय में सुविधाएं बेहद सीमित हैं।
• अस्पताल का उच्चीकरण कर 30 बेड से बढ़ाकर 50 बेड करने की मांग की गई।
• ब्लड सैंपल/ट्रांसपोर्ट के लिए छोटे वाहन की आवश्यकता बताई गई।
• एक छोटी एम्बुलेंस की तत्काल जरूरत पर जोर दिया गया।
• लगभग 400 ओपीडी के दबाव के बावजूद पर्याप्त स्टाफ नहीं होने से 3 अतिरिक्त वार्ड बॉय की मांग रखी गई।
• अस्पताल में हर महीने 50-60 सर्जरी होने के बावजूद आधुनिक सर्जिकल उपकरणों की कमी को गंभीर बताया गया।

अतिरिक्त मुद्दे: रेबीज इंजेक्शन और पार्किंग वसूली

ज्ञापन में अस्पतालों में रेबीज के इंजेक्शन की कमी को गंभीर बताते हुए इसकी तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही अस्पताल परिसरों में पार्किंग के नाम पर हो रही अतिरिक्त और मनमानी वसूली पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई।

सुधार के लिए सुझाव भी दिए

कांग्रेस ने डिजिटल क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने, प्रिस्क्रिप्शन ऑडिट सेल बनाने, नाइट शिफ्ट में डायग्नोस्टिक्स सेवाएं शुरू करने, आयुष्मान योजना का दायरा बढ़ाने और अस्पतालों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन जैसे कई रचनात्मक सुझाव भी सरकार के सामने रखे।

प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक राजकुमार, राजीव पुंज, राजेश शर्मा और दीप बोहरा सहित अन्य नेता शामिल रहे।

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