शासन व सरकार कर रही कर्मचारियों की अनदेखी, कर्मचारी आंदोलन को मजबूर

Dehradun Uttarakhand


देहरादून। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तराखण्ड के पूर्व निर्धारित आंदोलन केप्रथम चरण में गेट मीटिंग के चौथे दिवस का आयोजन गन्ना समिति मुख्यालय देहरादून के प्रांगण में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरूण कुमार पांडे की अध्यक्षता किया गया। संचालन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश प्रवक्ता एवं उराखंड गन्ना पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंद डबराल द्वारा किया गया। अरूण कुमार पांडे ने अपने सम्बोधन में बताया कि शासन व सरकार द्वारा कर्मचारियों की लगातार अनदेखी के कारण कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर है। उन्होने बताया कि सयंुक्त परिषद को इस आंदोलन मे समस्त घटक संघों एवं जनपद शाखाओं का जोरदार सर्मथन प्राप्त हो रहा है। एमकेपी शिक्षणोत्तर कर्मचारी एसोसएशन के अध्यक्ष हुकम ंिसह नेगी ने आंदोलन को पूर्ण सर्मथन देने का आश्वासन दिया है। एमकेपी शिक्षणोत्तर कर्मचारी एसोसएशन के सचिव तरूण कुमार द्वारा शासनादेश संख्या 1670/11/09/2017, 649/14/12/2016 का अनपुालन न किए जाने एवं समय से वेतन भुगतान न होने की समस्या से अवगत कराया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्ष ओमवीर ंिसंह चैधरी द्वारा कर्मचारियों को परिषद के आन्दोलन में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने हेतु उत्साहित किया गया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश कोषाध्यक्ष रविन्द्र सिंह चैहान द्वारा विस्तार से आंदोलन के रूपरेखा एवं 18 सूत्रीय मांग पत्र पर प्रकाश डाला गया। आज की सभा में उराखंड गन्ना पर्यवेक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष रामकृष्ण नौटियाल एवं अन्य कर्मचारियों द्वारा आंदोलन का उराखंड गन्ना पर्यवेक्षक संघ द्वारा पूर्ण सर्मथन करने का आश्वासन दिया गया। आज की सभा में उराखंड गन्ना पर्यवेक्षक संघ के संजीव कुमार इंदेश कुमार, नरेन्द्र कुमार, चतुर सिंह, मोहन सिंह, जयपाल राय, विजय लक्ष्मी, नागेन्द्र राणा, संकेत कुमार, वेदप्रकाश, गणेश, ,सुभाष, चन्द्रपाल एवं सहकारी गन्ना समिति के प्रभारी सचिव कुलदीप तोमर तथा एमकेपी शिक्षणोत्तर कर्मचारी एसोसएशन के जगमोहन सिंह, सुभाष कुमार, मकुेशकुमार, सजुीत कुमार, पवन कुमार आदि भी उपस्थित रहे। राज्य कमचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश प्रवक्ता श्री डबराल ने बताया कि कल दिनांक 20 जनवरी 2026 की गेट मीटिंग का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग, रेशम विभाग एवं कृषि विभाग के निदेशालयों में किया जाएगा।