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‘विरासत’ आर्ट एंड हेरिटेज फेस्टिवल 15 से 29 अप्रैल तक देहरादून में होगा, पहली बार सर्दियों की बजाए अप्रैल में होगा आयोजन

Dehradun Uttarakhand


देहरादून, (बिग न्यूज़ टूडे।) उत्तराखंड के जाने-माने सांस्कृतिक कार्यक्रमों कि संस्था रीच द्वारा ’विरासत आर्ट एंड हेरिटेज फेस्टिवल 2022’ का आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन 15 अप्रैल से लेकर 29 अप्रैल तक डॉ. बी. आर. अंबेडकर स्टेडियम (कौलागढ़ रोड) देहरादून में होगा। रीच संस्था द्वारा आज होटल मधुबन, राजपुर रोड, देहरादून में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था के वरिष्ठ सदस्यों ने आयोजन के बारे में ‘रीच’ संस्था के जनरल सेक्रेटरी आरके वर्मा, जॉइंट सेक्रेटरी विजयश्री जोशी एवं प्रोग्राम डाइरेक्टर लोकेश ओहरी ने प्रेस को ‘विरासत’ आयोजन की विस्तृत जानकारी दी।

संस्था के सदस्यों ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण इसका आयोजन 2 साल बाद हो रहा है। संस्था के सदस्यों ने कहा की विरासत में इस बार देहरादून वासियों को रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ बहुत कुछ देखने को मिलेगा। कार्यक्रमों में मुख्य रूप से क्राफ्ट विलेज, फूड फेस्टिवल, क्लासिकल म्यूजिक एंड डांस,  फोक म्यूजिक एंड डांस,  कर्न्सट के साथ-साथ क्राफ्ट वर्क शॉप, विंटेज एंड क्लासिक कार एंड बाइक रैली एवं क्विज आदि प्रोग्राम होगा।

राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में आयोजक संस्था रीच के पदाधिकारियों ने बताया कि 15 से 29 अप्रैल तक विरासत अपनी रजत जयंती संस्करण के तहत पदम भूषण परवीन सुल्ताना, गजल गायक तलत अजीज, वडाली ब्रदर्स, लांगा मांगनियार, कत्थक और बांसुरी वादन के साथ-साथ फोटोग्राफी प्रतियोगिता, आर्ट एंड क्राफ्ट वर्क शॉप जैसे कार्यक्रमों का संगम लेकर आया है।

इस वर्ष विरासत महोत्सव ओएनजीसी के प्रबंध निदेशक डॉ अलका मित्तल को विरासत सम्मान भी प्रदान करेगा जो उनकी और ओएनजीसी द्वारा वर्षों से इस उत्सव को जबरदस्त समर्थन देने के लिए है। रीच की स्थापना 1995 में देहरादून में हुई थी, तबसे रीच देहरादून में विरासत महोत्सव का आयोजन करते आ रहा है।

उदेश बस यही है कि भारत की कला, संस्कृति और विरासत के मूल्यों को बचा के रखा जाए और इन सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाया जाए। विरासत महोत्सव कई ग्रामीण कलाओं को पुनर्जीवित करने में सहायक रहा है जो दर्शकों के कमी के कारण विलुप्त होने के कगार पर था।

विरासत हमारे गांव की परंपरा, संगीत, नृत्य, शिल्प, पेंटिंग, मूर्तिकला, रंगमंच, कहानी सुनाना, पारंपरिक व्यंजन, आदि को सहेजने एवं आधुनिक जमाने के चलन में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इन्हीं वजह से हमारी शास्त्रीय और समकालीन कलाओं को पुणः पहचाना जाने लगा है। विरासत 2022 आपको मंत्रमुग्ध करने और एक अविस्मरणीय संगीत और सांस्कृतिक यात्रा पर फिर से ले जाने का वादा करता है।