Affiliate Disclosure: This article contains affiliate links. As an Amazon Associate we earn from qualifying purchases.

Breaking-: नेता प्रतिपक्ष आर्य ने सबका साथ साधने की कोशिश शुरू की! कांग्रेस में टूटफूट की चर्चाओं और अटकलों के बीच नेताओं से की भेंट

Uttarakhand


देहरादून ( Big News Today)

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने जिम्मेदारी मिलते ही पार्टी नेताओं से मुलाकात करके सबका साथ और सबका विश्वास वाला फार्मूला अपनाते हुए शिष्टाचार मुलाकातें शुरू कर दी हैं। देहरादून पहुंचकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष कारण माहरा के आवास पर जाकर शिष्टाचार मुलाकात की है। इनके अलावा विधायक आदेश चौहान सहित कई पदाधिकारियों ने भी भेंट की है। प्रीतम सिंह के आवास पर पहुंचकर काफी देर तक दोनों के बीच मुलाकात हुई, मुलाकात के बाद यशपाल आर्य ने मीडिया से कहा कि वे शिष्टाचार भेंट करने आये थे और सभी साथी एकजुटता के साथ सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरने का काम करेंगे, आर्य ने कांग्रेस छोड़कर कई विधायकों के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों और चर्चाओं से भी इंकार किया । पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने भी मीडिया में पार्टी से कोई नाराजगी होने से इनकार किया है।

दरअसल, यशपाल आर्य को नेता प्रतिपक्ष , करन माहरा को प्रदेश अध्यक्ष और पहली बार चुनाव जीतकर विधायक बने भुवन कापड़ी को उपनेता प्रतिपक्ष बनाये जाने के बाद से पार्टी के अंदर माहौल गरम हो चुका है। प्रीतम सिंह बहुत आहत महसूस कर रहे हैं और गुटबाजी का आरोप अपने ऊपर महसूस करके अपनी तकलीफ सार्वजनिक कर चुके हैं। साथ ही पार्टी के सभी तीनों प्रमुख पद पर कांग्रेस ने कुमाऊं मंडल के ही नेताओं की ताजपोशी कर दी है। ऐसे पार्टी के अंदर गढ़वाल मंडल के नेताओं की उपेक्षा का सवाल भी नाराजगी पैदा कर रहा है। हालांकि इन तीनों पदों में देखें तो प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा पूर्व सीएम हरीश रावत खेमे के हैं , और उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के नज़दीक माने जाते हैं। इनमें केवल नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ऐसे नेता हैं जिनकी सामान्य तौर पर हरीश रावत और प्रीतम सिंह दोनों खेमों में स्वीकार्यता मानी जाती है।

उपेक्षा से उपजी नाराजगी और राज्य में गढ़वाल मंडल और कुमाऊँ मंडल में प्रतिनिधित्व के असंतुलन जैसे मुद्दों को लेकर गरम हो रहे माहौल में कहा जा रहा है कि कांग्रेस से दो तिहाई विधायक टूटकर अलग हो सकते हैं। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने पार्टी नेताओं से मिलकर मोर्चा माहौल को ठीक करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।